फिट नजर आने वाले कम उम्र के लोगों की जिम में कसरत करते समय मौत हो गई। ऐसा क्यों हो रहा है? वजह- बिना सलाह एक्सरसाइज के पैटर्न और सप्लीमेंट्स का मनमाना सेवन है।
कई सप्लीमेंट्स के क्लिनिकल ट्रायल भी नहीं होते, ना अधिकांश जिम संचालक इनकी जानकारी रखते हैं। सप्लीमेंट्स, अनरेगुलेटिड डाइट पिल, वेट लॉस ड्रग, एनाबोलिक स्टेरॉइड की गलत किस्म, इनकी मात्रा और लेने का तरीका खतरनाक है।
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| ये तीन सवाल करें कसरत से पहले |
- इन लोगों की कसरत करते वक्त हुआ हार्ट फेल
- मई में कोटा में पूर्व मिस्टर इंडिया बॉडी बिल्डर प्रेमराज अरोड़ा (42) वर्कआउट के बाद वॉशरूम गए, जहां उनका हार्ट फेल हो गया।
- फरवरी में हैदराबाद में कॉन्स्टेबल विशाल (24) कसरत कर रहे थे। अचानक हार्ट अटैक आया, मौत हो गई।
- जनवरी में लखनऊ में जिम में वर्कआउट करते समय ही डॉक्टर संजीव पाल (41) अचानक गिर गए और फिर नहीं उठे।
ज्यादा कसरत करने से हार्ट रेट बढ़ता है
एक्स्पर्ट्स के मुताबिक, कुछ मैन्युफेक्चरर लेबल पर दिखाए बिना सप्लीमेंट्स में स्टेरॉइड्स मिलाते हैं। ये नर्वस सिस्टम को अत्यधिक उत्तेजित करते हैं, जिससे बेचैनी-चक्कर के साथ दिल का दौरा पड़ सकता है।
सप्लीमेंट्स लेकर ज्यादा कसरत करने से BP, एड्रिनिलिन हार्मोन, हार्ट रेट बढ़ते हैं। कोरोनरी आर्टरी या केरोटिड आर्टरी का प्लाक फट जाता है।
कई सप्लीमेंट्स में जहरीले कैमिकल मर्करी, पेस्टीसाइड, आर्सेनिक, एफिड्रा हर्ब, लेड, हैवी मैटल होते हैं, जो दिल को कमजोर करते हैं।
व्यक्ति को अपने वजन के हर किग्रा. पर 2 ग्राम तक प्रोटीन लेना चाहिए। सप्लीमेंट्स ज्यादा लेने से किडनी-लिवर को नुकसान होता है।

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