घटना जामुल थाना अंतर्गत कैलाश एकता चौक की है। यहां रहने वाले विश्वनाथ जायसवाल ने बताया कि जिस समय घटना हुई वो घर में सोए हुए थे। ओम प्रकाश जायसवाल को पहली शिफ्ट में ड्यूटी जाना था। उन्होंने घर के पोर्च में कार के पास स्कूटर खड़ी कर उसे चार्जिंग में लगाया और बाथरूम चले गए। आधे घंटे बाद तेज आवाज आई सभी बाहर आए तो देखा कि बाहर स्कूटर में आग लगी है। घर वाले घबरा गए, उन्होंने तुरंत 112 में फोन किया, कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला।
इसके बाद पड़ोसी के लड़के ने पुलिस को फोन लगाया। स्कूटर में लगी आग पास खड़ी कार में तक फैल गई थी। लोगों ने एक बड़ी तार को जलते हुए स्कूटर से फंसाकर उसे घर से बाहर निकाला। इसके बाद कार में लगी आग को काबू में किया गया। आग से स्कूटर पूरी तरह जलकर खाक हो गई, वहीं कार के दरवाजे और इंजन के पास तक आग पहुंची थी, जिसे बुझा लिया गया।
25 प्रतिशत चार्ज थी ई-बाइक
ई-स्कूटर के मालिक ओम प्रकाश जायसवाल का कहना है कि उसे सुबह ड्यूटी में जाना था। उसने देखा कि उसकी ई-स्कूटर 25 प्रतिशत ही चार्ज है। इसलिए उसने उसे चार्जिंग पर लगाया था। उसने सोचा कि 2 घंटे में वो चार्ज हो जाएगी, उसके बाद उसी से वो ड्यूटी चला जाएगा। चार्ज लगाने के बाद ओम प्रकाश अंदर चला गया। 15-20 मिनट बाद बैटरी ब्लास्ट होने की आवाज आई। ओम प्रकाश तेजी से दौड़ा तो उसने देखा कि स्कूटर जल रहा है। कार में भी आग लगी है। इसके बाद बड़ी मुश्किल से आग को बुझाया गया।
कॉल करने के बाद भी नहीं मिली 112 की मदद
विश्वनाथ जायसवाल का कहना है कि उन्होंने 112 को फोन किया, लेकिन उन्हें उसकी मदद नहीं मिली। उन्होंने शिकायत तो दर्ज कराई, लेकिन कोई वाहन या पुलिसकर्मी उनके घर नहीं पहुंचा। जब पड़ोसी ने 102 में फोन किया और वो लोग खुद से आग बुझा लिए तब उसके बाद पुलिस वहां पहुंची।

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