हंसी होती है ‘संक्रामक’, हार्ट अटैक का खतरा कम करता है दिल खोलकर हंसिए; सेहत को इस तरह से रखता है तंदुरुस्त
नई दिल्ली/कहते हैं कि सुबह की 10 मिनट की हंसी आपका पूरा दिन बना देती है। तो आप भी रोज सुबह जोर-जोर से हंसने की आदत डालें। आइए आयुर्वेदाचार्य डॉ आर पी पराशर से जानते हैं हंसकर हेल्थ को कैसे बेहतर बनाएं।
रोजाना हंसने से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। इससे शरीर में ऑक्सीजन का लेवल बढ़ता है और सभी अंगों तक खून के द्वारा ऑक्सीजन आसानी से पहुंचने लगता है। इस प्रक्रिया के चलते आपके सभी अंग बेहतर रूप से कार्य करते है।
- हंसी होती है ‘संक्रामक’ घर से करें शुरुआत
आयुर्वेदाचार्य पाराशर कहते हैं कि हंसी संक्रामक होती है। एक ने हंसना शुरू किया तो उसे देखकर वजह जाने या बिना जाने दूसरा शख्स भी हंसने लगता है। फिर दूसरे से तीसरा और चौथा, इस तरह यह फैलती जाती है। अच्छा हो कि हम इस संक्रमण की शुरुआत घर से करें।
- हार्ट अटैक का खतरा कम
हंसने से हार्ट रेट बढ़ता है। इस दौरान अगर आप गहरी सांस लेते हैं, तो शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ती है। हंसने से शरीर में एक तरह का केमिकल रिलीज होता है, जिसे हार्ट हेल्थ के लिए जरूरी माना जाता है। इसके साथ ही डोपामाइन नाम का हार्मोन का लेवल बढ़ने लगता है, इससे आप खुद को खुश महसूस करते हैं और हार्ट अटैक और स्ट्रोक का जोखिम कम हो जाता है।
- फेफड़े मजबूत होते हैं
जोर-जोर से हंसने से फेफड़े मजबूत होते हैं और इससे आपका ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। इन्फेक्शन का खतरा कम होता है।
- वजन कंट्रोल करे
अगर हर दिन 30 से 40 मिनट हंसा जाए तो अमूमन 50 से 100 कैलोरी बर्न होती है। यह कैलोरी 15 से 20 मिनट के टहलने के बराबर है। इसलिए हंसते रहने से भी मोटापा कम होता है। हंसने से तनाव कम होने से कार्टिसोल हार्मोन कम होता है। कॉर्टिसोल को स्ट्रेस हार्मोन भी कहा जाता है। कार्टिसोल कंट्रोल होने से वजन कंट्रोल में रहता है।
- बीपी को कंट्रोल और दिल मजबूत
हंसने से बीपी नॉर्मल होता है। हंसने से खून का बहाव तेज होता है तो हार्ट को पंप करने में भी यह मदद करता है। एंडोर्फिन रिलीज होने से मूड बेहतर और हार्ट पर दबाव कम पड़ता है। दिल की सेहत के लिए सुबह उठकर कुछ समय तक जरूर हंसें।
- त्वचा निखरेगी
हंसी की वजह से शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा में इजाफा होता है। इसका असर स्किन पर भी पड़ता है। यह असर एक दिन या एक महीने में नहीं होता। ऐसा देखा जाता है कि जो लोग हंसमुख होते हैं, उनकी स्किन ऐसे लोगों के मुकाबले में कुछ ज्यादा दमकती है जो हंसने में कोताही करते हैं।
- चैन की नींद आएगी
अगर आपको नींद आने की समस्या है, तो हंसने की आदत डाल लें। इससे शरीर में मेलानिन नाम का हॉर्मोन बनता है। जो आपको चैन की नींद दिलाने में मदद करता है।
- सेक्स हॉर्मोन एक्टिव
हंसने से शरीर में कई हॉर्मोन ज्यादा एक्टिव होते हैं। उनमें सेक्स हॉर्मोन भी शामिल हैं। मसलन: टेस्टोस्टेरॉन, एस्ट्रोजन, प्रोजेस्टेरोन । इसका पॉजिटिव असर यह होता है कि शादीशुदा जिंदगी बेहतर हो जाती है। हंसी है यानी तनाव कम है।
नहीं होती असली या नकली हंसी
जिस तरह योग असली या नकली नहीं होता, टहलना या व्यायाम करना असली या नकली नहीं होता, उसी तरह हंसी भी असली या नकली नहीं होती। हां, कई बार इसकी शुरुआत की वजह बनावटी हो सकती है, लेकिन हंसने के दौरान जो क्रियाएं होती हैं चाहे वह सांस तेज होना, दिल की धड़कनों का तेज होना, मूड फ्रेशनर के रूप में काम करना, ये सब नकली हंसी में भी होता है।
हंसने के तरीके अलग-अलग, पर हंसें जरूर
हर शख्स के हंसने का तरीका अलग-अलग हो सकता है। कोई जोर-जोर से हंसता है तो कोई धीमे से। हंसने के दौरान किसी का पूरा शरीर हिलता है तो किसी की आंखें बंद हो जाती हैं। पर हंसने के दौरान एक बात सभी तरह की हंसी पर लागू होती है, वह है सांस छोड़ने की क्रिया। जब हम हंसते हैं तो हम तेजी से सांस बाहर की ओर छोड़ते हैं जैसा कि हम प्राणायाम के दौरान भी करते हैं। इसलिए कई एक्सपर्ट हंसने की क्रिया को हास्य योग भी कहते हैं। सुबह-सुबह कई पार्कों से ठहाकों की आवाजें अक्सर सुनाई देती हैं। ये हास्य योग कर रहे होते हैं। इनकी शुरुआत बिना वजह की हंसी से होती है, लेकिन चंद सेकंडों के बाद यह कुदरती रूप ले लेती है।
- हंसते समय न बरतें कंजूसी, दिल खोलकर हंसिए
हंसने में कंजूसी कभी न करें। जितनी जोर से हंसी आए, उतने ही जोर से हंस लें। यह न सोचें कि सामने वाला क्या सोचेगा। ठहाका लगाना कई बार जिंदादिली की निशानी होती है। हां, आपकी हंसी से अगर कोई डिस्टर्ब हो रहा हो तो उसे भी शामिल कर लें। अगर किसी जरूरी मीटिंग में हों और इससे आपका नुकसान हो सकता है तो फिर कुछ समय के लिए टाल दें, पर खत्म न करें। मीटिंग से बाहर आने के बाद उन बातों को याद कर जरूर हंसें। हंसने का कोई मौका जाने नहीं देना चाहिए।
- हंसी से बढ़ता है आत्मविश्वास
जब कोई शख्स हंसता है तो वह पॉजिटिविटी की तरफ बढ़ता है। पॉजिटिव होने से हम हर तरह के काम में ज्यादा लॉजिक होते हैं, चाहे वह घर का काम हो या फिर ऑफिस का। हम किसी भी काम को बेहतर तरीके से कर पाते हैं। दिमाग शांत और तनाव-रहित होता है तो हमारा खुद पर यकीन भी ज्यादा होता है। ऑफिस में भी इसका पॉजिटिव असर जरूर दिखाता है।
डिप्रेशन होगा दूर
मुस्कुराने की हंसने की आदत है तो डिप्रेशन अमूमन दूर ही रहता है। गम भी ज्यादा कुछ बिगाड़ नहीं पाता। जिस शख्स को हंसने या मुस्कुराने की आदत है, उसे भले ही टेंशन या फिर डिप्रेशन कुछ समय के लिए पकड़ ले, लेकिन अपनी पॉजिटिव आदतों की वजह से वह आसानी से इससे बाहर भी निकल जाता है।
रिश्ते होंगे मजबूत
आज के दौर में तनाव ज्यादा है। ऐसे में जब कोई शख्स हंसते और मुस्कुराते हुए कोई बात कहता है तो लोग ऐसे शख्स को पसंद करते हैं। उनसे बातें करना चाहते हैं। मुस्कुराते हुए या हंसने वाले लोगों से दोस्त या रिश्तेदार खुश रहते हैं। वो ऐसे शख्स से बार-बार मिलते हैं। हंसी की बदौलत ही रिश्ते बेहतर होते जाते हैं।
- ऐसे बुजुर्ग ज्यादा एक्टिव
जाे हंसता-हंसाता है, वह वह बुढ़ापे में भी काफी एक्टिव रहता है। इसकी वजह भी उसके शरीर में तुलनात्मक रूप से ज्यादा एंडॉर्फिन बनना होता है। यह हार्मोन उम्र के उस पड़ाव पर भी शरीर में बनने वाले दूसरे हॉर्मोन को भी एक्टिव रखता है।
- लम्बे समय तक हंसने की क्रिया को हास्ययोग कहते हैं
- डाइनिंग टेबल पर 10 से 15 मिनट पहले पहुंचें। हर दिन किसी एक सदस्य की चुटकुले सुनाने की बारी लगा दें।
- घर पर ऑफिस की बातों की चर्चा कम ही करें तो बेहतर है। इतना ही नहीं, नेगेटिव विषयों से दूर रहने की कोशिश करें।
- बच्चों को अपने बचपन की कोई हंसी वाली बातें बताएं। अपनी मूर्खता वाली कोई घटना सुनकर खुद भी हंसें और उन्हें भी हंसाएं।
- बचपन के दोस्तों से बातें करेंगे तो मन हल्का होगा। जब मन हल्का होगा तो परिवार का माहौल भी हल्का ही रहेगा।
- जो भी काम अच्छा लगता है, जो भी शौक हो, उनके लिए हर दिन थोड़ा-सा वक्त जरूर निकालें। यह म्यूजिक सुनना, डांस करना, पसंदीदा टीवी शो देखना आदि हो सकते हैं।
- किसी जरूरतमंद की मदद करते हैं तो उसके चेहरे पर आने वाली खुशी आपको कई दिनों तक फील-गुड कराती है।
- छोटी खुशियां बड़े काम की-बड़ी खुशियों के इंतजार में छोटी-छोटी खुशियों को बेकार न करें। जब भी मौका मिले हंस दें, हंसा दें।

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