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कोरोना ने छिनी युवाओं की मुस्कान, स्माइल एजुकेशन कंपनी रह हंसने की ट्रेनिंग

  • मास्क ने खराब की स्माइल, अब हजारों रुपए देकर हॉलीवुड स्माइल सीख रहे

टोक्यो/जापान/ कोविड-19 ने दुनिया में लाखों लोगों की जान ली। इसके अलावा कई दूसरी तरह के अनगिनत नुकसान भी हुए। जापान में तो अजीब तरह का मामला सामने आया है। यहां के लोग और खासकर यंग जेनरेशन ठीक तरह से मुस्कुराना भी भूल गई।

अब यहां स्पेशल क्लासेज के जरिए लोगों को सही तरह से मुस्कुराना सिखाया जा रहा है, लेकिन ये मुफ्त में नहीं है, बल्कि इसके लिए हजारों रुपए चुकाने पड़ रहे हैं। हमेशा मास्क लगाए रहने की वजह से जापानी ठीक से मुस्कुराना भूल गए थे। ट्रेनिंग में इन्हें हॉलीवुड स्टाइल की स्माइल सिखाई जा रही है।

स्माइल ट्रेनर कवानो ने अपनी कंपनी को स्माइल एजुकेशन के नाम से रजिस्टर्ड कराया है। 

हर चेहरे के सामने आईना

सही तरीके से स्माइल सीख रहे युवाओं पर ‘जापान टाइम्स’ ने एक रिपोर्ट पब्लिश की है। इसके मुताबिक टोक्यो आर्ट स्कूल के कई स्टूडेंट्स हाथों में आईना यानी मिरर लेकर मुस्कुराहट सुधारने की प्रैक्टिस कर रहे हैं। मुंह के दोनों तरफ के हिस्सों को चौड़ा करने के लिए ‘माउथ स्ट्रेचिंग’ एक्सरसाइज चल रही है। इनके साथ एक ट्रेनर भी मौजूद रहता है।

ट्रेनर का नाम कवानो है और वो मुस्कुराने का हुनर सिखाने के लिए तगड़ी फीस वसूल करती हैं। इसके बावजूद कवानो के स्टूडेंट्स की तादाद बढ़ती जा रही है। इनमें सिर्फ यंग जेनरेशन शामिल नहीं है, कुछ बुजुर्ग भी इन क्लासेज में आ रहे हैं।

मास्क ने छीनी स्माइल

रिपोर्ट के मुताबिक कोविड के दौर में जापान के लोगों ने मास्क मैंडेट को सख्ती से फॉलो किया। इसके अलावा यहां एक खास तरह का बुखार भी फैलता रहता है, जिसकी वजह से जापानी अकसर मास्क लगाते हैं।

मास्क लगाने का नतीजा ये हुआ कि लोग स्माइल देना ही भूलने लगे। या कम से कम सही तरीके से मुस्कुराना भूलने लगे। 20 साल की हिमावारी योशिदा मार्केट जॉब करना चाहती हैं। वो कहती हैं- मेरी जॉब रिक्वायरमेंट्स में प्रॉपर स्माइल भी शामिल है। लिहाजा अब मैं ये आर्ट सीख रही हूं।

योशिदा आगे कहती हैं- कोविड का दौर बेहद भयानक साबित हुआ। इस दौर में हमें फेशियल मसल्स (चेहरे की मांसपेशियां) इस्तेमाल करने की ज्यादा जरूरत महसूस नहीं हुई। अब स्माइल एजुकेशन ले रही हूं।

  • स्माइल ट्रेनर कवानो के स्टूडेंट्स में सरकारी अफसर, प्रोफेशनल्स और खासतौर पर मार्केटिंग फील्ड के लोग शामिल हैं।।

स्माइल ट्रेनर कवानो ने अपनी कंपनी को स्माइल एजुकेशन के नाम से रजिस्टर्ड कराया है। एक साल में 4 गुना स्टूडेंट बढ़ गए। इनमें सरकारी अफसर भी शामिल हैं। इसके अलावा प्राईवेट कंपनियों के प्रोफेशनल्स और खासतौर पर मार्केटिंग फील्ड के लोग हैं।

कवानो कहती हैं- जापान में मास्क बहुत आम चीज है। कोविड जब नहीं था, तब भी लोग इन्फेक्शन्स से बचने के लिए इसका इस्तेमाल करते थे। कुछ लोग इसके फायदे भी गिनाते हैं। मसलन- पुरुषों ने अगर शेविंग नहीं की है तो मास्क में ये ज्यादा नजर नहीं आती। ऐसे ही महिलाएं अगर बिना मेकअप के हैं, तो भी उनका चेहरा ज्यादा नजर नहीं आता। 55% जापानी तो अब तक मास्क पहन रहे हैं।

  • हॉलीवुड स्टाइल स्माइलिंग

कवानो के मुताबिक हॉलीवुड फिल्मों में एक्टर्स जिस तरह की ब्रॉड स्माइल देते हैं, वो सबसे अच्छी स्माइल है। मैं अपने स्टूडेंट्स को क्लासेज में यही अंदाज सिखाती हूं।

कवानो आगे कहती हैं- वैसे भी हम जापानी मुस्कुराने के मामले में वेस्टर्न कंट्रीज से काफी पीछे हैं। इसकी कुछ वजहें हो सकती हैं। हालांकि स्माइल हमारी जिंदगी का अहम और जरूरी हिस्सा है। मुझे लगता है अब हम इस आर्ट को एडॉप्ट करने लगे हैं।

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