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विलुप्त होने की कगार पर पहुंची यह गिलहरी, कोरबा में ट्रक ड्राईवर को मिली यह उड़ने वाली गिलहरी, रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा

कोरबा/ उड़ने वाली गिलहरी देखी है क्या?

शायद आप कहेंगे नहीं। मगर कोरबा में एक उड़ने वाली गिलहरी मिली है। यह गिलहरी एक ट्रक पर मिली है। लेकिन ट्रक पर कैसे पहुंची? यह स्पष्ट नहीं है। ट्रक चालक ने बताया कि वह ट्रक पर माल लेकर शनिवार को जंगल के रास्ते कोरबा पहुंचा।

ट्रक पर चढ़कर एक जीव दिखाई दिया। इसे देखकर चालक डर गया। उसने ट्रक पर जीव मिलने की जानकारी आसपास के लोगों को दिया। आरसीआरएस संस्था के प्रमुख अविनाश यादव दिया। कोरबा वनमंडल के अधिकारियों को अवगत कराया गया। अविनाश घटनास्थल पर पहुंचे। जीव ट्रक के डाला में बैठा हुआ था। अविनाश ने जीव की पहचान उड़न गिलहरी से की। उसे सुरक्षित पकड़ लिया। एक डिब्बा में रखकर जंगल में छोड़ दिया गया।

कोरबा का जंगल वन्यजीवों से भरा पड़ा है। इसके पहले किंग कोबरा और दो मुंह वाले सांप और अन्य दुलर्भ जीवों की कई प्रजातियां मिल चुकी हैं।

  • निशाचर होती है उड़न गिलहरी

उड़न गिलहरी निशाचर है, जो रात भर उड़ती है। जंगल में फल फूल ढूंढकर खाती है। इसके अगले और पिछले पैर के बीच एक झिल्ली होती है, जो पैराशूट की तरह काम करती है। जब गिलहरी एक स्थान से दूसरे स्थान पर कूदती है।

विलुप्त होने के कगार के पर है उड़न गिलहरी

देश में उड़न गिलहरी की यह प्रजाति विलुप्त होने के कगार पर पहुंच गई है। लंबे समय बाद कोरबा में उड़न गिलहरी देखने को मिली है। पेड़ पर खोखला में उड़न गिलहरी अपना दिन गुजारती है, रात मे निकलकर अपने के लिए आहार की तलाश करती है।

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