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कपल एक अच्छी और सुकून की नींद के लिए ले रहे ‘स्लीप डिवोर्स', जानें क्या है स्लीप डिवोर्स

 


नींद के लिए कपल ले रहे ‘स्लीप डिवोर्स':क्या है ये, कब और क्यों लेना है जरूरी; अच्छी नींद से दिल का क्या है कनेक्शन

आश्चर्य की बात नहीं है कि लोग अच्छी रात की नींद के लिए संघर्ष कर रहे हैं। खासतौर पर कपल। ये दिनभर घर-ऑफिस-बच्चे में बिजी होने के बाद रात में एक सुकून की नींद चाहते हैं। अक्सर किसी न किसी बहाने से ऐसा संभव नहीं हो पाता। ऐसे में ‘स्लीप डिवोर्स’ ही इसका एक सॉल्यूशन बचता है। इसी नए शब्द ‘स्लीप डिवोर्स’ पर बात करेंगे। इसका मतलब और इसके फायदे को समझेंगे।

सवाल: क्या है स्लीप डिवोर्स?

जवाब: अच्छी और क्वालिटी नींद के लिए जब कपल अलग-अलग कमरे, अलग बिस्तर, या अलग-अलग समय पर सोते हैं तो इसे स्लीप डिवोर्स कहते हैं।

सवाल: स्लीप डिवोर्स का टाइम पीरियड क्या होता है?

जवाब: इसका टाइम पीरियड फिक्स नहीं। यह सिचुएशन के आधार पर लॉन्ग टर्म या शॉर्ट टर्म के लिए हो सकता है। जैसे- अगर ऑफिस प्रोजेक्ट है और देर रात तक रोजाना काम कर रहे हैं तो कुछ दिनों के लिए दूसरा पार्टनर स्लीप डिवोर्स ले सकता है।

सवाल: यंग कपल में ही यह दिख रहा या मिडिल एज कपल भी स्लीप डिवोर्स अपना रहे हैं?

जवाब: नहीं। यह पैटर्न दोनों ही उम्र के कपल्स में दिख रहा है। जैसा हमने पहले बताया है कि स्लीप डिवोर्स की वजह अच्छी नींद है। नींद की कमी तो किसी भी उम्र में हो सकती है।

पिछले साल स्लीप सॉल्यूशन्स देने वाली कंपनी वेकफिट ने ग्रेट इंडियन स्लीप स्कोरकार्ड (GISS) 2022 जारी किया था। इसके मुताबिक भारत में 55% से ज्यादा लोग रात 11 बजे के बाद सोने जाते हैं। 8 घंटे से कम नींद लिए बगैर जाग जाते हैं।

इसी तरह हेल्थ टेक्नोलॉजी कंपनी फिलिप्स इंडिया का 2019 का डेटा कहता है कि 93% भारतीय पूरी नींद नहीं लेते।

सवाल: अलग-अलग कमरे में सोने से यानी स्लीप डिवोर्स से क्या रिश्ते में दूरी आती है या कोई फायदा भी होता है?

जवाब: आपको समझना होगा कि स्‍लीप डिवोर्स का मतलब यह नहीं है कि आपका रिश्‍ता टूट रहा है। इसका मतलब यह भी नहीं कि कपल एक बिस्तर पर कुछ समय साथ नहीं बिता सकते हैं। हकीकत में यह सिर्फ उस समय के लिए है जब आप कुछ घंटे बिना डिस्टर्बेंस के अच्‍छी नींद लेना चाहते हैं।

कोई साइकोलॉजिस्ट या डॉक्टर कपल को अलग रहने की सलाह नहीं देंगे। यह किसी भी व्यक्ति की पसर्नल चॉइस है। आपसी सहमति और समझदारी से बस कपल्स को एक दूसरे की जरूरतों का सम्मान करना चाहिए।

सवाल: क्या स्लीप डिवोर्स से दूरियां पैदा होती हैं?

जवाब: नहीं। अगर कपल में समझदारी होगी तो स्लीप डिवाेर्स रिश्तों में दरार नहीं ला सकता। सामने वाला भी समझेगा कि नींद हर व्यक्ति की क्रिएटिविटी और प्रोडक्टिविटी के लिए जरूरी है।

मनोवैज्ञानिक और नींद पर काम करने वाली कंपनी ‘स्लीपोपोलिस’ में स्लीप हेल्थ डायरेक्टर शेल्बी हैरिस कहती हैं, 'ऐसा करना आपके रिश्ते को खराब नहीं करेगा। मैं भी कई कपल्स को इसकी सलाह कभी-कभी देती हूं। क्योंकि वास्तव में रिश्ते के साथ उनकी हेल्थ में सुधार करता है।'

साइकोलॉजिस्ट रूमा कहती हैं-

अलग कमरे में सोने जाने से पहले तक तो आप साथ होते हैं। अपना दुख-सुख, प्यार शेयर करते हैं। ऐसे में रिश्ता खराब होगा इस बात की चिंता करने की जरूरत नहीं।

अगर जॉइंट फैमिली में है। जैसा हमारे देश में कॉमन कल्चर है, इस स्थिति में परिवार के सदस्यों को अपने इस निर्णय के बारे में बता सकते हैं। अपनी समस्या के बारे में डिस्कस कर सकते हैं ताकि गलतफहमी न हो।

सवाल: अच्छी नींद के क्या फायदे हैं?

जवाब: अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी के अनुसार, सही नींद लेने से न केवल दिल बल्कि पूरे शरीर का स्वास्थ्य ठीक रहता है। डेटा यह भी बताता है कि हार्ट अटैक से हुई लगभग 8% मौतों की वजह खराब नींद के पैटर्न को माना जाता है।

दरअसल, नींद की कमी का असर सबसे पहले दिल पर पड़ता है। जब किसी की नींद पूरी नहीं होती तो उसे थकान महसूस होती है। इस वजह से, ब्लड सर्कुलेशन सही तरह से नहीं हो पाता।

इसके बाद दिल को पम्पिंग के लिए बहुत ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। यह स्थिति दिल के काम करने की कैपेबिलिटी को कम करती जाती है। इससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक रिस्क बढ़ जाता है।

हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के क्लिनिकल फेलो इन मेडिसिन के डॉ. फ्रैंक कियान कहते हैं, ‘नींद का असर शरीर के सभी हिस्से पर पड़ता है। हार्मोन, मेटाबॉलिज्म से लेकर मेंटल हेल्थ और याद्दाश्त सब पर प्रभाव ये डालती है। इसलिए हर डॉक्टर आपको अच्छी नींद लेने की सलाह देते हैं।

  • नींद क्यों जरूरी है इसे नीचे लिखे पाइंट्स से समझते हैं…

एनर्जी रिस्टोर: शरीर और ब्रेन को रिचार्ज करने के लिए नींद जरूरी है। सोने की वजह से हमारी एनर्जी रिस्टोर हो जाती है और हम दोबारा नई ऊर्जा के साथ काम कर सकते हैं।

मेमोरी कंसल्टेशन: याददाश्त बनाए रखने के लिए नींद बहुत जरूरी है। इसलिए पढ़ाई करने वाले बच्चों को दोपहर में थोड़ी देर और रात को टाइम से सोने की सलाह दी जाती है। ताकि जितना भी वो दिनभर सीखते हैं उसे लंबे समय तक याद रख सकें।

ग्रोथ हार्मोन: शरीर की ग्रोथ रात में होती है। रिसर्च के मुताबिक जो बच्चे कम सोते हैं उनकी हाइट कम होती है। हर बॉडी पार्ट को आराम की जरूरत होती है। इसलिए रात में सोने का समय तय होना चाहिए।

सवाल: अगर किसी को रात में 7-8 घंटे से कम नींद आ रही है, तब क्या कोई गड़बड़ है?

जवाब: बिल्कुल गड़बड़ है। अगर कोई 6 घंटे से कम नींद ले रहा है तो इससे शरीर धीरे-धीरे बीमार हो सकता है। उन्हें कई बीमरियों का खतरा हो सकता है। जैसे-

  1. डायबिटीज
  2. हाई बीपी
  3. हार्ट अटैक
  4. स्ट्रोक

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