मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना में एक्सपायरी दवा वितरण मामले में जांच में सही पाया गया फिर भी किसी पर भी कार्रवाई नहीं हो सकी अब तक
जांजगीर चंपा/ मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना में एक्सपायरी दवा का वितरण मरीजों को कर दिया गया। संबंधित पर कार्रवाई के लिए पिछले ७ माह से युवती दफ्तरों का चक्कर काट रही है। फिर भी आज तक किसी पर भी कार्रवाई नहीं हो सकी है। जबकि जांच टीम ने मामला सही पाया है। इसके बावजूद इतना बड़ा मामला है, किसी की जान भी जा सकती थी। पढ़ी-लिखी होने से कुछ नहीं हुआ।
मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना में बांट रहे एक्सपायरी दवा, अनशन में बैठी युवती
मुख्यमंत्री शहरी स्लम योजना के तहत मरीजों को एक्सपायरी दवा देने का मामला सामने आया है। जिले के नगरीय निकायों में मुख्यमंत्री स्लम योजना के तहत लोगों के इलाज के लिए एक विशेष एंबुलेंस शहरी क्षेत्रों में जाती है, जिसमें यह दावा किया गया है कि मरीजों की जांच के बाद दवा भी फ्री दी जाएगी। दवाइयां फ्री तो दी जा रही है, लेकिन जो दवाइयां मरीजों को दी जा रही है। उसे यदि मरीज बिना देखे खा ले तो यह दवा जानलेवा भी हो सकती है। नगर पंचायत नवागढ़ में मरीज संतोषी बंजारे ने बताया कि उसकी तबीयत खराब होने पर वह नगर में आई मुख्यमंत्री शहरी स्लम योजना के एंबुलेंस में इलाज कराने के लिए गई थी। वहां तैनात मेडिकल स्टाफ ने उसकी जांच करने के बाद एक दवा आयरन व फोलिक एसिड कैप्सूल दी। यह दवा एक्सपायरी डेट की थी। इस कैप्सूल की मैन्युफैक्चिरिंग डेट अक्टूबर 2020 और एक्सपायरी डेट सितंबर 2022 लिखी है। जबकि उसे यही दवा 27 अक्टूबर को दी गई। कलेक्टर से शिकायत के जांच टीम गठित की गई। जांच टीम द्वारा शिकायत सही पाई गई। इसके बावजूद आज दिनांक तक एक्सपायरी दवा लेने वाले डॉक्टर, स्टाफ व जिला समन्वयक पर कोई कार्रवाई नहीं किया गया। कार्रवाई की मांग को लेकर युवती कई बार जनदर्शन में शिकायत कर चुकी हैं। इसके बावजूद ७ माह बाद कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाई है। संतोषी बंजारे का कहना है कि इससे परेशान होकर सोमवार से कलेक्टोरेट के सामने संबंधित पर कार्रवाई करने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठी गई हूं।
- एक्सपायरी दवा खाने से कुछ नहीं होगा
संतोष बंजारे ने बताया कि जब उसका भाई देवेन्द्र बंजारे एक्सपायरी दवाई के बदले अन्य दवाई लेने आए तो स्टॉफ द्वारा दोबारा एक्सपायरी दवाई ही दी गई। डॉ. शालिनी कुर्रे द्वारा कहा गया कि एक्सपायरी दवाई खाने से कुछ नहीं होगा तथा बोला गया कि हल्ला मत करो वरना ११२ बुलाकर अंदर करा देंगे। बाद में ११२ भी बुलाया गया व सीएमओ को भी बुलाया गया।
टल गया बढ़ा हादसा, फिर भी अफसर नहीं दे रहे ध्यान
इसमें सबसे बड़ी बात यह है कि मुख्यमंत्री स्लम योजना के दाई-दीदी क्लिीनिक बस में उपस्थित डॉक्टर व अन्य स्टाफ द्वारा एक नहीं बल्कि दोबारा एक्सपायरी दवा दिया गया। पढ़े-लिखे होने से व अचानक एक्सपायरी डेट में नजर पड़ जाने से संतोषी बंजारे तो उस दवा को नहीं खाई। दवा खाने से कुछ भी हो सकता था। इसके बावजूद अफसर इसे हल्के में ले रहे हैं।
अनशनकारी युवती को पुलिस उठाकर ले गई थाना
ुसुबह १२ बजे संतोषी बंजारे ने कलेक्टोरेट के मुख्य गेट के सामने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल में बैठ गई। इसकी जानकारी होते ही तत्काल एसडीओपी चंद्रशेखर परमा, कोतवाली प्रभारी लखेश केंवट पहुंचकर समझाइश देने की कोशिश की। लेकिन वे इसमें सफल नहीं हो सके। इसके बाद देर शाम युवती को वहां से उठाकर थाने लेकर चली गई।

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