खरसिया से पत्थलगांव तक 90 किलोमीटर की सड़क में पुल-पुलिया का निर्माण में खराब गुणवत्ता का हो रहा कार्य, पिलर की ऊंचाई को किया जा रहा कम
रायगढ़/ खरसिया से पत्थलगांव तक 90 किलोमीटर की सड़क बन रही है। 91 किलोमीटर लंबी सड़क का टेंडर 147 करोड़ का था, 128 करोड़ की निविदा डालने वाली एजेंसी को काम मिल गया। इस सड़क में 90 पुल-पुलिया बनने हैं। कुछ जगहों पर निर्माण करने वाली कंपनी इन पुलिया की ऊंचाई कम कर रही है ।
ठेकेदार के साइट इंचार्ज और सब इंजीनियर के मुताबिक पुल के पेयर (पिलर) की ऊंचाई 5 मीटर बताई गई, लेकिन पीयर की ऊंचाई 4 मीटर 20 सेंटीमीटर है। ऊंचाई 80 सेंटीमीटर तक घटाने से सड़क का गुणवत्ता खराब होगी। कुछ स्थानों पर पुरानी सड़क पर पैचवर्क कर उस पर डामर की परत चढ़ाने की तैयारी भी चल रही है। पेयर की ऊंचाई कम करने के संबंध में विभाग के इंजीनियर कहते हैं कि सड़क की ढाल कहीं कम और कहीं ज्यादा है । इसके हिसाब से पेयर की ऊंचाई कम-ज्यादा की जा रही है।
छाल में 30 मीटर लंबा पुल बन रहा है । इसमें दो अपार्टमेंट (किनारे की दो दीवारें) और एक पेयर (पिलर) बना गया है। इसमें पेयर की ऊंचाई 80 सेंटीमीटर कम की गई है। इसके अनुपात में अपार्टमेंट की ऊंचाई भी एस्टीमेट से कम कर दी गई है। ऐसा ही पुल धांगरनाला धरमजयगढ़ और एक सिसरिंगा में बन रहा है ।
धांगरनाला में भी अपार्टमेंट और पेयर की ऊंचाई कम की गई है। अफसरों का कहना है कि सब इंजीनियर फील्ड में रहते हैं, उनसे पूछेंगे। अपने मन से ऊंचाई कम नहीं कर सकते हैं । वहीं कुछ निजी सिविल इंजीनियर से चर्चा करने पर उन्होंने बताया कि बिलो में टेंडर लेने पर इस तरह का एडजस्टमेंट किया जा सकता है। इससे सड़क की गुणवत्ता कितनी प्रभावित होगी यह सड़क बनने के बाद पता चलेगा।
खरसिया से छाल तक सड़क सुधरी बाकी काम धीमी गति से चल रहा
प्रशासन की सख्ती से सड़क निर्माण के काम में जरूर तेजी आई है। खरसिया से छाल तक 18 किलोमीटर लंबी सड़क में लगभग 5 किलोमीटर की सड़क अत्यंत जर्जर थी। इसके बना दिया गया है। विभाग के मुताबिक खराब सड़क को पूरी तरह उखाड़कर बनाया जा रहा है। जहां सड़क ठीक है उसपर डामर की परत चढ़ाई जाएगी। बारिश से पहले काम पूरा होने पर संदेह है। हाटी से धरमजयगढ़ तक लगभग 25 किमी और धरमजयगढ़ से पत्थलगांव तक 35 किमी लंबी सड़क को पूरी तरह उखाड़ कर बनाया जाना है।
ठेकेदार और सब इंजीनियर की जानकारी अलग-अलग, एस्टीमेट भी नहीं दिखा पाए
मौके पर ठेका कंपनी के साइट इंचार्ज रघुराम ने बताया कि एस्टीमेट में पेयर की ऊंचाई 5 मीटर है, निर्माण 4 मीटर 20 सेंटीमीटर किया गया है। वहीं सब इंजीनियर धरमसिंग चौहान के मुताबिक एस्टीमेट 3 मीटर ऊंचाई का है, निर्माण 3 मीटर 80 सेंटीमीटर ऊंचाई का किया गया है। असल में मौके पर पेयर की ऊंचाई 4 मीटर 20 सेंटीमीटर है। भास्कर संवाददाता ने एस्टीमेट दिखाने की बात कही तो दोनों ने कॉपी नहीं होने की बात की। विभाग के इंजीनियर और निर्माण करने वाली कंपनी के सुपरवाइजर का अलग-अलग हो तो गुणवत्ता बिगड़ सकती है।
सड़क को एस्टीमेट के मुताबिक ही बनाया जा रहा, नहीं हो रही कोई भी गड़बड़ी
"छाल से पत्थलगांव तक की सड़क को एस्टीमेट के मुताबिक ही बनाया जा रहा है । ठेकेदार का साइट इंचार्ज या हमारे सब इंजीनियर की जानकारी अलग-अलग नहीं हो सकती क्योंकि एस्टीमेट की एक कॉपी ठेकेदार के पास भी होती है। विभाग निर्माण कार्य की सख्त निगरानी कर रहा है। किसी तरह की गड़बड़ी की संभावना नहीं है।" - एस बरुआ, एसडीओ धरमजयगढ़

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