बस्तर में 50 हजार करोड़ का डीएमएफ घोटाला की जांच के लिए जोगी कांग्रेस ने ईडी को बस्तर आने का न्यौता दिया
रायपुर/ बस्तर में 50 हजार करोड़ का डीएमएफ घोटाला हुआ है। यह आरोप जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे ने लगाया है। पार्टी के बस्तर जिला अध्यक्ष नवनीत चांद और अजीत जोगी युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप साहू के नेतृत्व में मामले में गुरुवार को यहां हुए बंदरबांट और घोटाले पर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए रायपुर में ईडी को ज्ञापन सौंपा गया।
साथ ही ईडी को बस्तर आने का न्यौता दिया गया। नवनीत चांद और युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप साहू ने जोगी कांग्रेसियों के साथ राजधानी के पचपेड़ी नाका स्थिर्त इडी के दफ्तर में जाकर ज्ञापन सौंपते हुए शीघ्र अति शीघ्र इस संबंध में जांच करते हुए कड़ी कार्रवाई करने की मांग की ईडी के अधिकारियों ने जोगी कांग्रेस के नेताओं को आश्वस्त किया कि इस संबंध में जानकारियां और भी जुटाई जा रही हैं और जल्द ही डीएफएफ फंड के दुरुपयोग किए जाने के संबंध में ठोस कार्रवाई की जाएगी।
- प्रदीप साहू : ED ने घोटालेबाजों को दिखाया आइना
इस दौरान नवनीत चांद ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब घोटालों का गढ़ बन गया है, भूपेश सरकार में एक से बढक़र एक घोटाले हो रहे हैं। उन्होंने बस्तर जैसे पिछड़े क्षेत्र को भी नहीं छोड़ा और आदिवासियों के हक अधिकार का हनन करते हुए उनके हक और अधिकार के रुपए को भी नेता, अधिकारी मिलकर डकार गए। जिसका सबक आने वाले समय में बस्तर की जनता ईवीएम के माध्यम से देगी।
इस दौरान प्रदीप साहू ने कहा के छत्तीसगढ़ में ईडी ने शराब घोटाले में बडी कार्रवाई करते हुए छत्तीसगढ़ की सरकार को आईना दिखाने का काम किया है। अब बस्तर के डीएफएफ फंड घोटाले में तत्काल संज्ञान लेना चाहिए और जिस प्रकार से बस्तर के मूल निवासी आदिवासी भाई , बहनों और उनके बच्चों के हक अधिकार को मारने का काम सत्ता से जुड़े अधिकारी नेता ने किया है उनके खिलाफ भी जांच करते हुए कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
- भाजपा-कांग्रेस दोनों ने बस्तर को सिर्फ लूटा
आदिवासी नेता सुजीत कर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का गठन आदिवासियों के विकास के लिए किया गया था और स्व जोगी ने बहुत ही कम समय में आदिवासियों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने का काम किया लेकिन भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस ने मिलकर 19 साल में छत्तीसगढ़ को लुटने का काम किया। जिस उद्देश्य से छत्तीसगढ़ का निर्माण किया गया था उसके विपरीत भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों ने मिलकर किया है। जिसका परिणाम भुगतने के लिए दोनों राष्ट्रीय दल 2023 - 24 के चुनाव में तैयार रहें। ज्ञात हो कि डीएमएफ फंड को खनन से संबंधित कार्यों से प्रभावित व्यक्तियों और खनन क्षेत्रों के हित और लाभ के लिए काम करने के लिए किया जाना है।
खनन से संबंधित कार्यों से प्रभावित व्यक्तियों और क्षेत्रों के विकास के लिए इस प्रकार का कार्य करना होता है परंतु बस्तर में इस राशि का दुरुपयोग धड़ल्ले से किया गया। ईडी को ज्ञापन सौंपने वालों में प्रमुख रूप से आज बस्तर इकाई के अध्यक्ष नवनीत चांद, अजीत जोगी युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप साहू, आदिवासी नेता सुजीत कर्मा बस्तर संभाग अध्यक्ष टंकेश्वर भारद्वाज, बीजापुर जिला अध्यक्ष विजय झाड़ी, बस्तर शहर उपाध्यक्ष बाबा जमील आदि उपस्थित थे।
पार्टी के नेताओं ने बताया कि बस्तर संभाग में दंतेवाड़ा एक ऐसा जिला है जहां पर डीएमएफ फंड का सबसे ज्यादा दुरुपयोग हुआ है।दंतेवाड़ा में एनएमडीसी से मिलने वाली मोटी रकम में व्यापक रूप से भ्रष्टाचार हुआ है। कागजों पर ही कई बड़े काम कर दिए गए हैं। इसके साथ ही बस्तर के अन्य जिलों में भी इस फंड में सेंध लगाने का काम सत्ताधारी पार्टी के नेताओं ने किया है।

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