जल-जीवन मिशन के तहत बिलासपुर में जिन 50 टेंडरों के मामलों की जांच के लिए शोकॉज नोटिस जारी हुआ अफसरों ने उन्हीं टेंडरों के वर्क आर्डर जारी किए
बिलासपुर/ जल जीवन मिशन योजना के पुराने एसओआर टेंडर जारी करने,दस्तावेजों से छेड़छाड़ कर टेंडर देने के मामले में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के एमडी ने जिन 50 टेंडरों के मामलों की जांच के लिए शोकॉज नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था अफसरों ने उन्हीं टेंडरों के वर्क आर्डर जारी कर दिए और सिर्फ 7 टेंडर छह माह बाद निरस्त किए गए।
जल जीवन मिशन में अब तक भ्रष्टाचार के कई मामले सामने आ चुके हैं जिनमें पूर्व में जिम्मेदार अफसरों को निलंबित भी किया जा चुका है। इसी तरह नई एसओआर दर लागू होने के बाद भी पुराने एसओआर दर में अफसरों ने जब गड़बड़ी तब विभाग के एमडी आलोक कटियार ने विभाग प्रमुख यूके राठिया को 20 अप्रैल को शोकॉज नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था और टेंडरों की जांच के निर्देश भी दिए थे। उन टेंडरों की जांच की बात तो दूर उनमें से 50 के वर्कआर्डर भी जारी कर दिए गए।
ऐसे कुछ टेंडरों की पड़ताल की तब तथ्य सामने आए। शासन का ही नियम है कि यदि रेट ओपन होने के 120 दिन तक वर्कआर्डर जारी नहीं होते हैं तब वे टेंडर खुद ही निरस्त माने जाते हैं लेकिन इसके बावजूद अफसरों ने उन टेंडरों के वर्कआर्डर जारी किए।
मामला यहां से शुरू हुआ
नए एसओआर दर के राज्य शासन से जारी होने के बाद लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग बिलासपुर से नवंबर में 65 टेंडर लगाए गए थे। उस वक्त तत्कालीन ईई एसके चंद्रा ने जानबूझकर नई एसओआर दर को लागू नहीं किया। क्योंकि पुराने एसओआर दर के हिसाब 30 फीसदी से भी अधिक अधिकतम दर पर टेंडर दिया जा सकता था। टेंडर के अधिकतम दर के इस खेल में कहीं न कहीं टेंडर में शामिल ठेकेदारों को फायदा पहुंचाया जा रहा है।
- इन टेंडरों को किया गया था निरस्त
नवंबर में टेंडर लगने के बाद छह माह बाद जिन टेंडरों को निरस्त किया गया उनमें टेंडर क्रमांक 115453,115452,115451,115450,115449,115448,115445 शामिल हैं। अब इनका फिर से टेंडर किया जाएगा।
प्रमुख टेंडर जिनके वर्कऑर्डर हुए जारी
115944,115362,115360,115359,115358,115357,115356,115355,115354,115353,115352,115351,115350,115349,115346,115344,115343,115342,115341,115340।
यूके राठिया, ईई, पीएचई, बिलासपुर
आपको पुराने एसओआर दर के टेंडर में शोकॉज नोटिस हुई?
- शोकॉज रूटीन प्रक्रिया है।
जिन टेंडरों की जांच के निर्देश थे उन्हीं के वर्कआर्डर जारी?
- टेंडरों की जांच में निर्देश थे पुराने एसओआर दर वाले टेंडर संशोधित एसओआर दर से लगाए जाएं।
कितने टेंडर पुराने एसओआर दर वाले थे, जो निरस्त हुए?
- उनमें से छह से सात टेंडर पुराने एसओआर दर वाले थे जिन्हें निरस्त किया गया।

टिप्पणियाँ