कॉर्बोहाइड्रेड, शुगर, फैट, मिनरल्स और विटामिंस से भरपूर जमुना पारी का दूध 250 रुपए किलो मिलेगा अब रायपुर में
रायपुर/ बकरी का दूध कई मायनों में फायदेमंद है। इसकी न्यूट्रिशन वैल्यु बहुत ज्यादा होती है। यही वजह है कि इसकी कीमत प्रति लीटर 250 रुपए है। एनिमल न्यूट्रिशनिस्ट डॉ.रामचंद्र रामटेके बताते हैं, जमुना पारी, बीटल या बरबरी जैसी नस्ल के दूध में फैट ग्लोब्यूल्स छोटे होते है। इसलिए छोटे बच्चों को भी पिलाया जा सकता है। बहुत जल्दी डाइजेस्ट भी हो जाता है। इन बकरियों के दूध में 86से 88 परसेंट पानी होता है। बाकी 12 से 14 प्रतिशत तक सॉलिड यानी कॉर्बोहाइड्रेड, शुगर, फैट, और मिनरल्स और विटामिंस पाए जाते हैं।
अवेयरनेस नहीं
गॉट फॉर्मर मो. ताहिर ने बताया, हमारे यहां लोगों में बकरी के दूध को लेकर उतनी अवेयरनेस नहीं है। इटावा की जमुना पारी सुबह एक से दो लीटर और शाम को भी एक से दो लीटर दूध देती है। बीटल ब्रीड पंजाब की है। यह जमुना पारी की अपेक्षा कम दूध देती है। वहीं आगरा की बरबरी सुबह दो लीटर दूध देती है। शाम को नहीं निकालते क्योंकि उनके बच्चों के लिए छोडऩा पड़ता है। जहां से बकरियां लाईं जाती हैं वहां और यहां के ट्रेंप्रेचर में फर्क है लेकिन चूंकि हम कम उम्र में ही उन्हें ले आते हैं इसलिए वे यहां की आबोहवा में एडजेस्ट हो जाते हैं। बरबरी का मथुरा में देश का एकमात्र अनुसंधान केंद्र मकदूम में है। इसे लाने के लिए नंबर लगाना पड़ता है। नंबर आने पर 10 बकरी और एक बकरे का लॉट मिलता है।
केंद्र और राज्य सरकारें दे रहीं बढ़ावा
10 साल से गॉट फॉर्मिंग कर रहे ताहिर बताते हैं, केंद्र व राज्य सरकारें अपनी स्कीम के तहत गॉट फॉर्मिंग को बढ़ावा दे रही हैं। सब्सिडी भी दी जाती है। जैसे-जैसे किसानों में जागरुकता आएगी वे इसमें रुचि लेंगे। मैंने कई किसानों की वर्कशॉप भी ली है। इसमें मैंने गॉट फॉर्मिंग के फायदे और स्कोप की जानकारी दी है।
इसलिए कहते हैं जमुना पारी
डॉ.रामटेके ने बताया, जमुना पारी इटावा क्षेत्र की है। वह जमुना पार कर बाकी क्षेत्रों में सप्लाई की जाती है। इसलिए इसका नाम जमुना पारी हो गया।


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