अंबिकापुर। यहां एक पक्षी प्रेमी ने दुर्लभ इंद्रधनुषी गिलहरी को अपने कैमरे में कैद किया है, इसे मालाबार जायंट गिलहरी (Malabar Giant Squirel) के नाम से भी जाना जाता है। उसके शरीर पर कई रंग पाए जाते हैं इस कारण इसे इंद्रधनुषी गिलहरी कहा जाता है।
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| इंद्रधनुषी गिलहरी |
गौरतलब है कि सरगुजा जिला पहाड़ों व वनों से आच्छादित है। यहां तरह-तरह के जीव जंतु विचरण करते हैं कई दुर्लभ पक्षी या जीव दूसरे राज्यों से यहां पहुंच जाते हैं। इसी बीच एक दुर्लभ जीव मालाबार जायंट गिलहरी सरगुजा के मतरिंगा जंगल में देखने को मिली है।
इसके शरीर पर काला, पीला, भूरा, नारंगी, लाल सहित कई अन्य रंग होते हैं, इस कारण इसे इंद्रधनुषी गिलहरी भी कहते हैं। यह गिलहरी दक्षिण भारत व मध्य भारत में मिलते हैं।
squirel2.jpgसरगुजा जिले के लिए यह पहला मौका है जब इंद्रधनुषी गिलहरी को किसी ने देखा हो। इंद्रधनुषी गिलहरी को पक्षी प्रेमी प्रतीक ठाकुर ने अपने कैमरे में कैद किया है। इससे पूर्व सरगुजा में उडऩे वाली गिलहरी भी देखी जा चुकी है।
मालाबार जायंट गिलहरी या इंद्रधनुषी गिलहरी डेढ़ से 3 फीट तक लंबी होती है। यह एक पेड़ से दूसरे पेड़ पर करीब 20 फीट की छलांग लगा सकती है। यह ऊंचे पेड़ों पर रहती है ताकि कोई इसका शिकार न कर सके। अमूमन तेंदुए, बाज, उल्लू, लायन टेल मकाउ बंदर इसका शिकार करते हैं।

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