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खनिज विभाग और राजस्व विभाग के संरक्षण में हो रही मनमानी, डोलोमाईट खदान फैलकर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तक पहुंची

रायगढ़/ खनिज माफिया की मनमानी का हैरतअंगेज मामला कटंगपाली में दिखा है। यहां अवैध डोलोमाइट खदान का दायरा फैलते-फैलते एक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की बाउंड्री तक पहुंच गया है। स्कूल की दीवार से महज दो फुट ही दूर करीब 200 फुट की खदान शुरू हो जाती है। यहां भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। आपने रायगढ़ जिले में खनन माफिया की मनमानी देखी है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में भी लेकिन इन पर कभी रोक नहीं लगाई जा सकी क्योंकि ये अफसरों की अवैध कमाई का जरिया बन चुके हैं। माफिया की मनमानी किस कदर बढ़ चुकी है इसका एक उदाहरण कटंगपाली में देखने को मिला है।

अवैध खदानों को पोषित करने वाले खनिज विभाग और राजस्व विभाग ने कभी भी इस पर लगाम लगाने की कोशिश ही नहीं की। यही वजह है कि अब ये खनन माफिया पूरी तरह बेकाबू हो चुका है। कटंगपाली-अ में बाबा रूपधर दास उच्चतर माध्यमिक विद्यालय है। सामने से तो यह एक सामान्य स्कूल की बिल्डिंग जैसी ही लगती है। लेकिन जब स्कूल के चारों ओर मुआयना करेंगे तो हर किसी के होश उड़ जाएंगे। स्कूल के पीछे की दीवार से दो फीट की दूरी पर अवैध खदान है। इसकी गहराई करीब 200 फीट है। हालात ऐसे हैं कि अगर कभी बहुत ज्यादा बारिश हो गई तो स्कूल भवन ढहकर अवैध खदान में समा जाएगा। इतना होने के बावजूद भी स्कूल प्रबंधन इस बात से बेखबर है। स्कूल की बाउंड्रीवॉल भी चारों ओर से बंद नहीं है। खदान की तरफ रास्ता खुला हुआ है। कभी यहां कोई हादसा भी हो सकता है।

कटंगपाली में कई भवन डेंजर जोन में

डोलोमाइट की खदानों के कारण कटंपाली और साल्हेओना क्षेत्र में प्राकृतिक ताना-बाना बिखर चुका है। नदी-नालों और तालाबों के आसपास भी खनन हो चुका है। कई घरों के किनारे तक अवैध खदानें पहुंच चुकी हैं। कभी भी खदानों में कोई बड़ा हादसा हो सकता है। बाबा रूपधर दास स्कूल की तरह ही कई दूसरे मकान भी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं।

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