लोक निर्माण विभाग में फर्जी बिल वाउचर के सहारे लाखों का गबन हो रहा, 8 महीने से अटका है सड़कों का काम
खैरागढ़/ फर्जी बिल वाउचर के सहारे लाखों का गबन करने वाले लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को जन सुविधाओं की फिक्र नहीं हैं। एक तरफ तो विभागीय अधिकारी व सब इंजीनियर फर्जी बिल वाउचर के सहारे लाखों का गबन कर रहे हैं, दूसरी ओर ठेकेदारों को संरक्षण दिया जा रहा है।
जिसकी वजह से काम महीनों से बंद पड़ा हुआ है। करोड़ों के काम पेंडिंग हैं। जुरलाकला से प्रकाशपुर, सिदार खपरी मार्ग का काम आठ माह से बंद पड़ा हुआ है। जिसमें सिर्फ गिट्टी डालकर छोड़ दिया गया है।
इसकी वजह से लोगों का आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, पर विभागीय अधिकारियों को इसकी परवाह नहीं हैं। न ही ठेकेदार काम पूरा कर रहे हैं और न ही विभाग द्वारा इन ठेकेदारों को नोटिस जारी किया जा रहा है। इसकी वजह से लोगों को परेशानी हो रही है।
इसके पहले कलेक्टर जांच में पीडब्लूडी में 13 लाख के फर्जी पेंच रिपेयर वर्क का खुलासा हो चुका है। संयुक्त जांच दल के अधिकारी व एसडीएम प्रकाश राजपूत दोषी अधिकारियों के जवाब आने और जांच प्रतिवेदन कलेक्टर कार्यालय को सौंपने की बात कह रहे हैं, पर कार्रवाई में लगातार देरी हो रही है। दोषी अधिकारियों को आला अधिकारियों का संरक्षण मिलने की अंदेशा है।
- तात्कालीन कलेक्टर ने करवाई थी इस मामले की जांच
जांच में फर्जी भुगतान का मामला सामने आने के बाद लोनिवि के अधिकारी तात्कालीन कलेक्टर डॉ. सोनकर के सामने आने से बचते रहे। कलेक्टर के समयसीमा की बैठक से भी कन्नी काटते रहे। कलेक्टर के बदलने के बाद अब वही लोनिवि के अफसर कलेक्टर कार्यालय का चक्कर लगाते नहीं थक रहे हैं। बताया गया कि मामले में कार्रवाई से बचने अफसर एड़ी चोटी एक करने में जुटे हैं। जांच के बाद कार्रवाई से विभागीय उच्चाधिकारियों तक भी दौड़ लगाकर फर्जी माप निकले मार्गों का रातों-रात मरम्मत करवा दिया गया है लेकिन जिला प्रशासन के पास जांच रिपोर्ट और अधिकारियों का जवाब आने के बाद भी अब तक कार्रवाई नहीं होना संशय को बढ़ा रहा है। मामले को लेकर लोक निर्माण विभाग ईई ललित वाल्टर तिर्की से कई बार मोबाइल से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।
- बिना काम के बनाया फर्जी माप
जांच में एसडीएम राजपूत द्वारा दिए गए प्रतिवेदन में रिपेयरिंग वर्क के नाम पर पेंड्री दपका मार्ग में 74821 रुपए, राजनांदगांव-कवर्धा-प ोड़ी मार्ग में 3,59,056 रुपए, सिंगारघाट बेंदीडीह मार्ग में 70,848 रुपए, पिपरिया-मुंहडबरी मार्ग में 1,68,265 रुपए, देवारीभाठ-भरदाकला मार्ग में 4,28,527 रुपए, कुकुरमुड़ा-सिंघौरी, शेरगढ़ बफरा मार्ग में 114.386 रुपए और अतरिया मार्ग में 1,17,309 रुपए का फर्जी माप किए जाने की पुष्टि की थी। बताया गया कि तात्कालीन कलेक्टर डॉ. सोनकर द्वारा पैच रिपेयरिंग कार्य में लगातार गुणवत्ताहीन कार्य और बिना काम के ही फर्जी माप बनाने की शिकायत पर जांच करवाई गई थी।
- जिला कार्यालय में भेज दिया जांच प्रतिवेदन: एसडीएम
एसडीएम प्रकाश राजपूत ने बताया कि सड़कों की जांच में सभी पहलुओं की जांच के बाद जांच प्रतिवेदन जिला कार्यालय भेज दिया गया है। जांच में समिति ने छह सड़कों में 13 लाख 33 हजार रुपए का फर्जी भुगतान करना पाया था।
- ठेकेदार को जारी किया गया है नोटिस: एसडीओ
आठ माह से काम रुकने के मामले में लोक निर्माण विभाग के एसडीओ संजय जागृत ने कहा कि सड़क निर्माण का ठेकेदार बहुत सारे काम लेकर बैठा है, जिसकी वजह से काम अटका हुआ है। नोटिस जारी किया गया है। आगे की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी।

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