आयुष्मान कार्ड से इलाज के बगैर ही शासन को फर्जी क्लेम, 150 क्लेम की जांच चल रही है, और अधिक गड़बड़ी निकलने की संभावना
बिलासपुर/ प्रदेश के पांच प्राइवेट हॉस्पिटलों ने आयुष्मान कार्ड से इलाज के नाम पर 1 करोड़ का फर्जी क्लेम किया है। अभी संदेहास्पद 150 क्लेम की जांच की जा रही है, इसमें और भी फर्जीवाड़े के खुलासा होने की संभावना है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने पांचाें प्राइवेट हॉस्पिटलाें के खिलाफ कार्रवाई की है। किसी हॉस्पिटल को एक साल के लिए योजना को ही सस्पेंड कर दिया गया है, तो किसी हाॅस्पिटल पर क्लेम की गई राशि से दाेगुनी पेनल्टी लगाई गई है।
आयुष्मान कार्ड से इलाज के नाम पर प्रदेश के प्राइवेट हॉस्पिटल मनमानी कर रहे हैं। कहीं इलाज से मना किया जा रहा है तो कहीं इलाज के बगैर ही शासन को फर्जी क्लेम किया जा रहा है। फिलहाल अभी 5 फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है और अभी फर्जी क्लेम होने की संभावना है। स्वास्थ्य मंत्री का कहना है कि सभी शिकायतों को गंभीरता से लेकर जांच कराए जा रहे हैं और जिन हॉस्पिटलों ने गड़बड़ी की है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उनका कहना है कि शासन की योजना का लाभ सभी मरीजों को मिलेगा।
प्रदेश के इन हॉस्पिटलों ने किया फर्जी क्लेम
{ श्रीनिवास हॉस्पिटल चिरकुट्टी मंदिर के पास रायपुर
क्लेम - 15 लाख 8 हजार 300 रुपए
कार्रवाई : हॉस्पिटल संचालक पर 15 लाख 8 हजार 300 रुपए पेनल्टी लगाई गई है।
{ महादेवम मल्टीस्पेशियलिटी
हॉस्पिटल रायपुर
क्लेम : 15 लाख 90 हजार
कार्रवाई : हॉस्पिटल संचालक पर 15 लाख 90 हजार का जुर्माना किया गया है।
{भारती हॉस्पिटल, सराईपाली महासमुंद
क्लेम : 18 लाख 82 हजार 100 रुपए और 8 लाख 54 हजार 700 रुपए कार्रवाई : क्लेम की दाेगुनी राशि 37 लाख 64 हजार 200 रुपए जुर्माना और इस हॉस्पिटल से योजना को सस्पेंड किया गया है।
{एमपी नर्सिंग होम, दुर्ग
क्लेम: 3 लाख 78 हजार 700 रुपए
कार्रवाई: संचालक पर 3 लाख 78 हजार 700 रुपए की पेनल्टी लगाई गई।
{श्री बालाजी हॉस्पिटल बिलासपुर में याेजना को एक साल के लिए सस्पेंड किया गया।
- 150 संदेहास्पद क्लेम की चल रही जांच
"आयुष्मान कार्ड से इलाज के नाम पर फर्जी क्लेम किए जाने की शिकायतें लगातार मिल रही थी। अभी लगभग 150 संदेहास्पद क्लेम की जांच जारी है। जिन हॉस्पिटलों ने फर्जी क्लेम किए हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।" - टीएस सिंहदेव, स्वास्थ्य मंत्री, छग शासन

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