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आबकारी मंत्री कवासी लखमा बोले- "छत्तीसगढ़ के लोग नहीं जानते दारू पीने का स्टाइल, दवा के रूप में पिएं शराब, इनसान बनता है मजबूत"

जगदलपुर/छत्तीसगढ़ के आबकारी मंत्री कवासी लखमा बस्तर प्रवास पर हैं। जगदलपुर में उन्होंने मीडिया से बातचीत की। शराबबंदी पर जब उनसे सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि यहां के लोग दारू पीने का स्टाइल नहीं जानते हैं। दारू पीने से इंसान नहीं मरता है। ज्यादा पिओगे तो दारू जान ले लेता है। उन्होंने कहा कि, शराब को दवा के रूप में पीना चाहिए। इससे इनसान मजबूत बनता है।

मंत्री कवासी लखमा 

  •  मंत्री कवासी लखमा बोले- छत्तीसगढ़ में शराबबंदी हो लेकिन बस्तर में ये नहीं हो सकता।

आबकारी मंत्री कवासी लखमा पिछले 2 दिनों से बस्तर के संभागीय मुख्यालय जगदलपुर में हैं। वे प्रियंका गांधी के बस्तर दौरे की तैयारियों में जुटे हैं। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत की। वे शराब पीने को गलत नहीं मानते। बल्कि, पीने के स्टाइल को गलत बताया है। लखमा ने उदाहरण देते हुए समझाया कि खेती करने वाले, भारी भरकम सामान उठाने वाले मजदूर काम करने के लिए दारू पीते हैं।

कवासी आगे बोले कि वे दारू नहीं पिएं तो उनसे काम नहीं हो पाएगा। लखमा ने BJP नेताओं पर भी तंज कसा है। उन्होंने कहा कि, नगरनार प्लांट, NMDC खदान समेत अन्य फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूरों को दारू की जरूरत होती है। क्योंकि, दारू दर्द खत्म करता है। पूर्व सीएम डॉक्टर रमन सिंह और बृजमोहन अग्रवाल को इसका ऐहसास नहीं होगा। क्योंकि, उन्होंने कभी न तो बोरी उठाई है और न ही कोई भारी भरकम काम किया है। इसलिए कुछ भी कहते रहते हैं।

  • बस्तर के 90 प्रतिशत लोग पीते हैं शराब

कवासी लखमा का कहना है कि विदेशों में 100 प्रतिशत तो वहीं बस्तर में 90 प्रतिशत लोग शराब का सेवन करते हैं। उन्होंने कहा कि, बस्तर में दारू कभी बंद नहीं होगी। क्योंकि यहां की संस्कृति में हर एक कार्यक्रम में दारू का उपयोग होता है।

  • गंगा जल की सौगंध खाने वाले झूठ नहीं बोलते-कौशिक

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने भी कहा था कि, कांग्रेस जिस घोषणा पत्र के सहारे सत्ता में आई है आज उन्हीं घोषणा पत्र को अनदेखा कर रही है। उन्होंने कहा कि जब मुख्यमंत्री भूपेश बघेल चुनाव से पूर्व जब प्रदेश अध्यक्ष थे तब उन्होंने घोषणा पत्र में पूर्ण शराबबंदी की बात कही थी। लेकिन, सत्ता में आने के बाद शराब को ही अपने अवैध कमाई का जरिया बना लिया है। जिसका जीता-जागता उदाहरण ऑनलाइन शराब बेचना है। उन्होंने कहा कि शराबबंदी करने वाले आज शराब बेचकर आगामी वर्ष की कमाई तय कर रहे हैं।

जिसके चलते प्रदेश में अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। यह कांग्रेस का असल चरित्र है। इनकी कथनी और करनी में बहुत अंतर है। सरकार ने अपने चार सालों के कार्यकाल में केवल कमेटी ही बनाई है जिसका आज तक प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं हुआ है। यह कमेटियां अन्य राज्यों में भी गई। लेकिन, रिर्पोट आज तक नहीं आई। इससे स्पष्ट है कि, केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्की अन्य राज्यों में भी कांग्रेस की कुनितियों को समझा जा रहा है।

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