दंतेवाड़ा।
- शहीद जवान का अंतिम दर्शन करने पहुंचे हर किसी की आंखें नम थी।
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में हुई नक्सल घटना ने एक बार फिर पूरे देश की आंखें नम कर दी है। DRG के 10 जवान और एक वाहन चालक की शहादत ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। 10 शहीद जवानों में 8 पूर्व नक्सली थे। किसी का सुहाग उजड़ा तो किसी ने अपने नौजवान बेटे को खोया। कई मासूमों के सिर से पिता का साया उठ गया। पिता के लिए बच्चे बिलखते नजर आए, तो कहीं सुहाग उजड़ने के बाद पत्नियां खुद को संभाल नहीं पाईं।
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| कह रही मुझे भी चिता में जला दो |
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| पिता के शाहिद होने पर बिलखती मासूम |
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| रो पड़ी महिला कमांडो |
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| सी एम भूपेश बघेल व गृह मंत्री ताम्र ध्वज साहू कांधा देते |
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| ये जवान हुए शाहिद |
कासोली में शहीद पति के लिए सजी चिता पर उनकी पत्नी लेट गईं। बिलखते हुए बोली, 'इनसे पहले मुझे जला दो'। यह मंजर देखकर वहां मौजूद हर किसी की आंखों से आंसू छलक पड़े। इधर, साथियों की शहादत और उनके घर वालों की चीखे सुनकर DRG की महिला कमांडोज रो पड़ीं।
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