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विवि को दिए कॉलेज में पदस्थ सीनियर प्रोफेसर की लिस्ट में से ऐसे प्रोफेसर के नाम हैं, जाे कॉलेज में पढ़ाते ही नहीं

 

रायगढ़/ जिला में संचालित कोणार्क बीएड कॉलेज के संचालकों द्वारा विश्व विद्यालय को उनके कॉलेज में पदस्थ सीनियर प्रोफेसर की लिस्ट दी गई है। उनमें चार ऐसे प्रोफेसर के नाम हैं, जाे कॉलेज में पढ़ाते ही नहीं हैं। वहीं दूसरी ने शादी के बाद से कॉलेज छोड़ने की बात कही। इनमें से एक प्रोफेसर ने गोलमोल जवाब देते हुए कहा कि वे अभी वहीं पदस्थ हैं, जबकि एक अन्य प्रोफेसर ने करीब दो साल पहले ही कॉलेज छोड़ने की जानकारी दी।


शिकायत के बाद कॉलेज में दो बार विश्वविद्यालय की टीम जांच करने पहुंच चुकी है। जांच में क्या मिला है टीम ने अब तक इसका खुलासा नहीं किया है, लेकिन कॉलेज में यूनिवर्सिटी को फर्जी तरीके से असिस्टेंट प्रोफेसरों के नाम दिखाकर कॉलेज का संचालन करने का खुलासा यूनिवर्सिटी द्वारा जारी सीनियारिटी लिस्ट से हो रहा है। कॉलेज ने यूनिवर्सिटी को जिन सात लोगों के नाम सीनियारिटी लिस्ट में दिए हैं, उनमें से चार असिस्टेंट प्रोफेसर ऐसे हैं, जो कॉलेज में मौजूद ही नहीं है, केवल उनका नाम चलाया जा रहा है।

अब उन्हीं प्रोफेसरों के नाम यूनिवर्सिटी द्वारा सीनियारिटी लिस्ट में डाल दिया गया है। कॉलेज के प्राचार्य का दावा है कि उन्होंने प्रोफेसरों के काम छोड़ने की सूचना यूनिवर्सिटी को दे दी है, अब वहां से नाम नहीं हटा है तो वे क्या कर सकते हैं।

  • यूनिवर्सिटी को बताए गए चार प्रोफेसर से की बात

विक्रम सिंह यादव कहा- हो मैं कोणार्क कॉलेज में काम करता हूं, इससे आपको क्या, जब हमने जानना चाहा कि कब से काम कर रहे हैं तो उन्होंने सवाल किया कि उद्देश्य क्या है आपका, फिर कहा कि आप वहीं (कॉलेज से) बात करें, सब नहीं बताएंगे, सब कुछ फोन में ही जान लेंगे क्या। 

मयूरी शुक्ला कहा- पहले मैं वहां पढ़ाती थी, अब मेरी शादी हो गई है पेंड्रा के बीएड कॉलेज आ गई हूं, मुझे तो काफी समय हो गया। जब हमने बताया कि उनका नाम अभी भी सीनियारिटी लिस्ट में है तो उन्होंने कहा कि हो सकता है, पुरानी टीचर में हूूं तो रखना तो पड़ेगा। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि ये उनकी हमारी पर्सनल बात है, किसी को बाेलना नहीं। कॉलेज बहुत अच्छा है, स्टॉफ और वातावरण सब अच्छा था, वहां का रिकॉर्ड तो अच्छा रहा है।कमलेश्वर कुमार पोर्ते कहा- मैं बिलासपुर में हूं, पहले कोणार्क कॉलेज में पढ़ाता था, अभी कहीं नहीं पढ़ा रहा हूं। वहां कब से पढ़ाना बंद किया है, यह पूछने पर उन्होंने बताया कि याद नहीं आ रहा है, लंबा समय हो गया छोड़े। मैं कोणार्क कॉलेज में नहीं पढ़ा रहा हूं। 

अर्चना मिश्रा कहा: मैं वहां काम छोड़ चुकी हूं, जब हमने बताया कि सीनियॉरिटी लिस्ट में आपका नाम है तो उन्होंने बताया कि इसकी जानकारी उन्हें नहीं है, कॉलेज से बात करनी पड़ेगी। फिर उन्होंने बताया कि दो साल पहले छोड़ चुकी हैं और वे अब बिहार में रहती हैं।

वेबसाइट में केवल प्राचार्य व दो प्रोफेसरों के नाम

2006 में जिले में कोणार्क कॉलेज की शुरुआत हुई थी। पहले यह कॉलेज बिलासपुर यूनिवर्सिटी में शामिल था। उसके बाद साल 2020 में शहीद नंदकुमार यूनिवर्सिटी में इसे जोड़कर संबद्धता दी गई। यूनिवर्सिटी ने साल 2021 और 22 अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी कॉलेजों को परिनियम 28 के तहत प्रोफेसर भर्ती करने के लिए नोटिस जारी किया था। जिसमें कोणार्क कॉलेज को भर्ती करने के लिए कहा गया था। यहां कॉलेज ने भर्ती की लेकिन केवल कागजों पर ही। मौके पर पढ़ाने वाले कॉलेज में नहीं है। कॉलेज ने अपने वेबसाइट में केवल एक प्राचार्य व दो अन्य स्टॉफ के नाम दर्ज किया है।

  • 19 बीएड कॉलेजों में सिर्फ 4 में प्राचार्य

जांजगीर जिले में 19 बीएड कॉलेज संचालित है। संचालक अधिकारियों की मिलीभगत से बीएड कॉलेज चला रहे हैं। जांजगीर के दो कॉलेज और शिवरीनारायण, बाराद्वार के एक बीएड कॉलेज में प्राचार्य की पदस्थापना है। जिनकी जानकारी सीनियारिटी लिस्ट में है। इन 17 बीएड कॉलेज में संचालित विषय के लिए एक भी कॉलेज में एचओडी की व्यवस्था नहीं हैं।

सीधी बात - समित मंडल , प्राचार्य कोणार्क कॉलेज जांजगीर

विश्वविद्यालय को जानकारी दी गई है सुधारा नहीं इसमें हमारी गलती नहीं

सीनियारिटी लिस्ट में जिन प्राेफेसराें के नाम हैं वे कहीं और काम कर रहे हैं?

- जिन प्रोफेसर का नाम लिस्ट में है उन्होंने काम छोड़ दिया है।

नाम को अब तक क्यों नहीं हटाया गया?

- प्रोफेसरों के काम छोड़ने के बाद नाम हटाने यूनिवर्सिटी को सूचना दिए थे।

काम छोड़ने की यूनिवर्सिटी को सूचना कब दी गई?

- सुधार की जानकारी दी गई है सुधारा नहीं इसमें हमारी गलती नहीं है।

कॉलेज में प्रोफेसर्स की कमी है?

- इसके लिए नियम अनुसार भर्ती की जा रही है।

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