' ' जब तक शरीर में जान है, तब तक पढ़ता रहूंगा'' यह कहना है हाल ही में गोल्ड मेडल पाने वाले 64 वर्षीय डॉ राजकुमार शर्मा का
बिलासपुर।
बिलासपुर की अटल बिहारी वाजपेयी यूनिवर्सिटी के चौथे दीक्षांत समारोह में 64 साल के बुजुर्ग डॉ.राजकुमार शर्मा को गोल्ड मेडल मिला है। उन्होंने समाजशास्त्र में MA की परीक्षा में यूनिवर्सिटी टॉप किया है। शर्मा अब तक कुल 6 अलग-अलग विषयों में टॉप कर चुके हैं। यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में फिजी देश के उच्चायुक्त कमलेश एस प्रकाश और राज्यपाल व कुलाधिपति विश्वभूषण हरिचंदन ने 68 छात्र-छात्राओं को गोल्ड मेडल प्रदान किया।
उन्होंने बताया कि बचपन से ही पढ़ाई के प्रति उनकी रुचि रही है और टॉपर रहे हैं। जब शासन ने पढ़ाई की उम्र सीमा खत्म की, तब उन्होंने आगे की पढ़ाई शुरू करने की प्लानिंग की और सफलता मिलती गई।
डॉ. राजकुमार शर्मा बताते हैं कि उन्होंने साल 1981-82 में पटियाला में एशिया शूटिंग की पढ़ाई में टॉप किया। फिर 1982 में जिमनास्टिक में गए और टॉपर रहे। इसके बाद उन्होंने मेरठ यूनिवर्सिटी से ऑर्गेनिक केमेस्ट्री में एमएससी किया और गोल्ड मेडलिस्ट रहे। इसी बीच उनकी नियुक्ति भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) में बतौर कोच हुई और बिलासपुर में चीफ कोच बनकर आ गए। इस दौरान उन्होंने बीपीएड और एमपीएड की डिग्री हासिल की, जिसमें भी उन्होंने टॉप किया और उन्हें गोल्ड मैडल मिला।
रिटायरमेंट के बाद भी करते रहे पढ़ाई
उन्होंने बताया कि भारतीय खेल प्राधिकरण में सेवाएं देते हुए उन्होंने अपनी पढ़ाई की। फिर जब शासन ने पढ़ाई की उम्र सीमा खत्म की, तब उन्होंने साल 2019 में रिटायरमेंट के बाद समाजशास्त्र में एमए की तैयारी शुरू की और परीक्षा के बाद जो रिजल्ट आया उसमें उन्होंने यूनिवर्सिटी टॉप किया, जिसके लिए उन्हें मंगलवार को गोल्ड मेडल मिला है। अब उन्होंने एमए साइकोलॉजी के लिए भी तैयारी शुरू कर दी है और फार्म जमा किया है।
कहा- जब तक शरीर में जान, तब तक करूंगा पढ़ाई
डॉ. शर्मा ने कहा कि पढ़ाई लिखाई की कोई उम्र नहीं होती। शिक्षा ऐसा धन है, जिसे आपसे कोई छीन नहीं सकता। पढ़ने लिखने से मस्तिष्क एक्टिव रहता है और सभी काम आप सोच समझकर और प्लानिंग के साथ कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि मेरी पढ़ाई आगे भी जारी रहेगी, जब तक शरीर में जान है, तब तक पढ़ते रहूंगा।
पहली बार विश्वविद्यालय के भवन में आयोजित हुआ कार्यक्रम
यूनिवर्सिटी के इस दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्यअतिथि फिजी के उच्चायुक्त कमलेश एस प्रकाश शामिल हुए। वहीं, अध्यक्षता राज्यपाल व कुलाधिपति विश्वभूषण हरिचंदन ने की। समारोह में कुलपति प्रो.अरुण दिवाकरनाथ वाजपेयी ने बताया कि विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में पहली बार किसी देश के हाई कमिश्नर ने शिरकत की है और पहली बार ही छत्तीसगढ़ के राज्यपाल का अटल विश्वविद्यालय में आगमन हुआ है।
उन्होंने कहा कि यह पहला अवसर है, जब दीक्षांत समारोह स्वयं विश्वविद्यालय के भवन में आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पहली बार ही गणित और अंग्रेजी में पीएचडी की दो उपाधियां दी गई है। समारोह में इस वर्ष विश्वविद्यालय की ओर से दो मानद उपाधियां भी प्रदान की गई है, जिनमें उच्चायुक्त कमलेश एस प्रकाश और कला संकाय से संस्कृताचार्य डॉ पुष्पा दीक्षित को डीलिट की उपाधि दी गई।

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