भिलाई निगम हाईटेक पानी प्रबंधन के लिए तीन साल में भी शुरू नहीं कर पाए स्कॉडा सिस्टम, 54 लाख पेनल्टी लगाने की तैयारी
भिलाई/ अमृत मिशन योजना के तहत भिलाई निगम हाईटेक पानी प्रबंधन के लिए पीएलसी स्कॉडा सिस्टम लगाने जा रहा है। इसके लिए एजेंसी को कई बार नोटिस दिया जा चुका है। ताकि काम में तेजी आए और काम जल्द पूरा हो सके। इसके बाद भी अब तक यह काम पूरा नहीं हो पाया है। अब स्कॉडा सिस्टम लगाने वाले एजेंसी तीसरी बार एक्सटेंशन लेने के लिए आवेदन की है। एजेंसी ने निगम प्रशासन से इस काम को पूरा करने के लिए तीन माह का और अतिरिक्त समय मांगा है।
इससे पहले भी निगम प्रशासन इस काम को पूरा करने के लिए दो बार अतिरिक्त समय दे चुका है। दूसरी बार जब अतिरिक्त समय दिया गया था, तब मार्च तक इस काम को पूरा करने का एजेंसी ने वादा किया था। इसके बाद भी वादा पूरा नहीं कर पाए और अब तीसरी बार अतिरिक्त समय की मांग के लिए पत्र लिखा है। निगम प्रशासन अब एजेंसी को अतिरिक्त समय देने के लिए तैयार हो गया है। इसके साथ ही अब निगम एजेंसी पर पेनाल्टी लगाने की भी तैयारी कर रहा है।
इससे पहले भी एजेंसी द्वारा समय पर काम पूरा नहीं करने को लेकर दो बार नगर निगम पेनल्टी लगा चुका हैं। निगम अधिकारियों की माने तो निगम प्रशासन को न्यूनतम 6 प्रतिशत तक पेनल्टी लगाने का अधिकार है। मतलब तीसरी बार निगम पेनल्टी लगाएगा तो न्यूनतम 54 लाख रुपए तक की पेनल्टी एजेंसी पर लगाए जाने की तैयारी है, प्रक्रिया जारी है।
- 9.65 करोड़ रुपए की योजना वर्ष 2020 में होनी थी शुरू
अमृत मिशन योजना के तहत 9.65 करोड़ की लागत से पीएससी स्कॉडा सिस्टम, जीआईएस मैपिंग और मीटरिंग कार्य सिस्टम लगाने की योजना है। इस सिस्टम के लगने के बाद से पूरे शहर का पाइप लाइन जल कार्य सिस्टम ऑन लाइन और ऑटोमेटिक हो जाएगा। 2019 में इस काम के लिए एजेंसी को वर्क आर्डर जारी किया गया था और 9 माह में इसे शुरू करने का आदेश दिया गया था।
जानिए क्या है स्कॉडा सिस्टम और इसके लगने से फायदा
स्काडा एक ऑनलाइन हाईटेक सिस्टम है। जो सॉफ्टवेयर और सेंसर के माध्यम से काम करती है। जल कार्य से जुड़े सभी जरूरी मशीन जैसे फिल्टर प्लांट, पानी टंकी आदि सभी जरूरी जगह पर सेंसर युक्त वॉल्स, एफसीव्ही, फ्लो मीटर आदि मशीन फिट करेंगे। इससे ऑनलाइन सिस्टम में ही पूरा जल कार्य को कंट्रोल कर सकेंगे। ऑटो मे टिक टंकियों को भरा जा सकेगा।
3 माह में पूरा करने का दावा, काम अब भी अधूरा
एजेंसी के प्रोजेक्ट मैनेजर अतुल की माने तो उन्होंने 3 माह का अतिरिक्त समय मांगा है। इस बार निगम उन्हें अतिरिक्त समय देगा तो वे तीन माह में काम पूरा कर लेंगे। टंकियों में एफसीव्ही और फ्लो मीटर लगाने का काम बचा है। अब तक 4 टंकियों में इसे लगा चुके हैं और 12 का काम बचा हुआ है। काम पूरा के बाद एजेंसी को टेस्टिंग करना है।
"तीन माह का अतिरिक्त समय मांगा गया है। इसके लिए हमने निगम प्रशासन को पत्र लिख कर मांग किए है। तीन माह का अतिरिक्त समय मिल जाएगा। तो इस तीन माह में काम पूरा हो जाएगा। कोरोना की वजह से काम में देरी हुआ है। दो बार पेनाल्टी लग चुकी है, तो इस बार भी लगेगा।" - अतुल कुमार, प्रोजेक्ट मैनेजर कार्य एजेंसी

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