सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

कोसा फल के नाम पर मानगुरु पहाड़ में पेड़ कटाई का मामला पहुंचा विधानसभा, उस समय डीएफओ, तत्कालीन एसडीओ प्रेमलता यादव थीं

कोरबा/ वन मंडल कटघोरा के एतमानगर रेंज में 4 साल पहले कोसा फल के नाम पर मानगुरु पहाड़ में पेड़ कटाई का मामला उलझता ही जा रहा है। मामले में कार्रवाई को लेकर विधायक दिलेश्वर साहू ने विधानसभा में ध्यानाकर्षण लगाया है। इसके जवाब में कटघोरा डीएफओ और तत्कालीन एसडीओ प्रेमलता यादव ने कहा है कि जिस समय पेड़ कटाई होना बताया जा रहा है, उस समय में एसडीओ ही नहीं थी।

पेड़ कटाई के मामले में रेंजर, डिप्टी रेंजर और चार बीट गार्ड को निलंबित किया था, लेकिन जांच रिपोर्ट में एसडीओ प्रेमलता यादव के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा करने के बाद भी कुछ नहीं हुआ। जांच रिपोर्ट में अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक तपेश कुमार झा ने पेड़ों के ठूंठ को लेकर भी सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि 7876 ठूंठ मिलने के बाद 3994 पेड़ कटना बता दिया गया। इतना अंतर होने के बाद भी मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद यह मामला अभी भी जांच में चल रहा है।

यही नहीं डीएफओ ने मामले में अब और आगे जांच की जरूरत नहीं होना बताया है। डीएफओ प्रेमलता यादव कटघोरा वन मंडल में अक्टूबर 2015 से अगस्त 2019 तक एसडीओ रह चुकी है। इसके बाद भी स्वयं ही एसडीओ नहीं रहने की बात कह रही है। यह भी अब जांच का विषय बन गया है। मुख्यमंत्री से शिकायत के बाद मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं। डीएफओ प्रेमलता यादव ने स्वयं कहा था कि इस मामले में शिकायत हुई है। जांच के लिए तैयार हैं। अब मामला विधानसभा में उठने के बाद जांच से ही इंकार कर रही हैं।

2 एसडीओ ने जांच में 21580 ठूंठ मिलना बताया

पहाड़ में पेड़ कटाई के मामले में कोरबा वन मंडल और मुंगेली वन मंडल के एसडीओ ने जांच की थी। दोनों ने 21580 ठूंठ मिलना बताया था। दोनों ने ही जब जांच रिपोर्ट सौंपी, उस समय तत्कालीन एसडीओ प्रेमलता यादव का बलौदा बाजार वन मंडल तबादला हो चुका था। इसी वजह से अब एसडीओ नहीं होने की बात कर रहीं हैं। पेड़ कटाई 2018 से 2019 के बीच की है, लेकिन अफसरों ने जंगल का निरीक्षण ही नहीं किया।

स्टॉपडेम बहा तो अपना होने से इंकार

कटघोरा वन मंडल में ही जटगा रेंज में 18 स्टॉपडेम की मंजूरी मिली थी। इसमें से एक बारिश में बहने पर विभाग ने अपना होने से ही इंकार कर दिया था। इसका मामला भी विधानसभा में उठा, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। उस समय डीएफओ समा फारूकी थी।

टिप्पणियाँ