राजनांदगांव।तकनीकी दिक्कत बताकर जिलेभर में करीबन तीन सौ सीमांकन के मामले पटवारियों ने अटका रखे हैं। इसमें सर्वाधिक प्रकरण राजनांदगांव ब्लॉक में लंबित पड़े हुए हैं। किसानों को सहुलियत देने राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर लंबित राजस्व प्रकरणों को निराकृत करने का आदेश जारी किया जाता है। विभागीय अफसर निपटारे के लिए जुटे हुए हैं, परन्तु पटवारियों की मनमानी के चलते ऐसा नहीं हो पा रहा है। हालात यह है कि पटवारियों की मनमानी से जमीन के सीमांकन, बटांकन, अभिलेख दुरुस्तीरकण आदि के आवेदन का निराकरण नहीं हो पा रहा है।
जिले में पदस्थ पटवारियों से सर्वाधिक परेशान किसान हो रहे हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि राजस्व संबंधी काम जैसे सीमांकन, बटांकन, भू-अभिलेख दुरूस्तीकरण, चौहद्दी के निर्धारण आदि के लिए शुल्क निर्धारित कर दिया गया है। डोंगरगांव विधायक दलेश्वर साहू ने वर्ष 2021-22 से 31 जनवरी तक एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार द्वारा जारी आदेश के लंबित रहने की जानकारी मांगी थी। जवाब में बताया गया कि राजनांदगांव में ही कुल 299 मामले लंबित हैं।
सर्वाधिक घुमका-खैरझिटी में: जानकारी के अनुसार राजनांदगांव जिले में कुल 299 मामले ऐसे हैं, जो पटवारी स्तर में लंबित पड़े हुए हैं। इनमें सबसे अधिक राजनांदगांव ब्लॉक में 114 मामले शामिल हैं। राजनांदगांव ब्लॉक में भी घुमका और खैरझिटी में 40-40 मामले लंबित हैं। ऐसे ही डोंगरगांव ब्लॉक में 42, डोंगरगढ़ में 76, छुरिया में 44 मामले लंबित हैं।

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