फर्जी वन प्रबंधन समिति बनाकर पौधा तैयार करने और प्लांटेशन के नाम करोड़ों रुपए का घोटाला हो रहा है; जाँच के बाद दो रेंजर सस्पेंड
बिलासपुर/ फर्जी वन प्रबंधन समिति बनाकर करोड़ों रुपए का घोटाला करने वाले फारेस्ट अफसरों पर भी निलंबन की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अब तक डिप्टी रेंजरों व फॉरेस्ट गार्ड को ही सस्पेंड किया गया था। सोमवार को दो रेंजर दरोगा सिंह मरावी और मानसिंह श्याम को निलंबित किया गया है। एसडीओ और प्रभारी डीएफओ रहे अफसर पर अभी कार्रवाई होना बाकी है।
मरवारी वन मंडल में दो फर्जी वन प्रबंधन समिति बनाकर पौधा तैयार करने और प्लांटेशन के नाम करोड़ों रुपए का घोटाला किया गया है। इसमें नेचर कैंप व जामवंत वाड़ा गगनई में दो फर्जी वन समिति बनाकर इसके दो ही सदस्य बनाए गए और इसमें एक ही फारेस्ट गार्ड को दोनों समितियों का सचिव बनाकर राशि का आहरण किया गया। अलग-अलग चरण में इसमें से 5 से 7 करोड़ रुपए की राशि का आहरण भी किया गया। यह सब डीएफओ की जानकारी में होता रहा लेकिन किसी ने नहीं रोका।
मामले में पूर्व में फारेस्ट गार्ड और डिप्टी रेंजरों को निलंबित किया जा गया था। इसके बाद वन कर्मचारी संघ ने पीसीसीएफ से शिकायत करके इस मामले की दोबारा जांच करवाने की मांग की थी। इसके बाद फिर से जांच कराई गई। तब तक पीसीसीएफ ने कार्रवाई रोककर रखी थी। दोबारा जांच के बाद प्रस्ताव बनाकर फिर से कार्रवाई के लिए पीसीसीएफ के पास भेजा गया।
इस मामले में आगे कार्रवाई करते हुए पीसीसीएफ ने मरवाही रेंज के दो रेंजर दरोगा सिंह मरावी और मानसिंह श्याम को निलंबित कर दिया है। अब इस मामले में रेंजर, एसडीओ और प्रभारी डीएफओ रहे एसडीओ सहित एक अन्य एसडीओ पर कार्रवाई होना बाकी है। पीसीसीएफ स्तर पर अभी इन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इस मामले में एचडीएफसी बैंक के मैनेजर भी संदेह के दायरे में हैं। उनकी शिकायत भी बैंक के उच्च प्रबंधन से की गई है।

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