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जल जीवन मिशन के अधीक्षण अभियंता ने बेटे और दामाद को बांट दिए ढाई करोड़ से अधिक के टेंडर, प्रावधान कहते हैं कि बगैर सक्षम अधिकारी की अनुमति के रिश्तेदारों को टेंडर में शामिल होने की अनुमति नहीं है

बिलासपुर/ महासमुंद और कांकेर के बाद बिलासपुर जिले में भी जल जीवन मिशन के अधीक्षण अभियंता ने अपने बेटे और दामाद को करोड़ों रुपए का टेंडर बांट दिया। प्रावधान कहते हैं कि बगैर सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना अफसर अपने संबंधित रिश्तेदारों को टेंडर में शामिल होने की अनुमति भी नहीं दे सकते, लेकिन बिलासपुर में ऐसा किया गया। महासमुंद और कांकेर में भी रिश्तेदारों को टेंडर देने के मामले सामने आ चुके हैं। बिलासपुर जिले में जल जीवन मिशन में टेंडर में करोड़ों रुपए के टेंडर गड़बड़ी के बाद नया खुलासा हुआ है।

यहां पिछले चार सालों से अधीक्षण अभियंता के पद पर पदस्थ रूपकुमार गेंदले ने अपने बेटे और दामाद को ही जल जीवन मिशन के करोड़ों रुपए के टेंडर दे दिए। नियमों के विपरीत दिए गए टेंडर का खुलासा होने के बाद विभागीय मंत्री गुरु रूद्र कुमार ने कार्रवाई की बात कही है। इनमें तीन टेंडर मुंगेली जिले के हैं, इसके पूर्व भी जल जीवन मिशन में टेंडर गड़बड़ी मामले में पूर्व कार्यपालन अभियंता एसके चंद्रा को निलंबित किया जा चुका है। वहीं अनुशासनहीनता का कारण बताकर चीफ इंजीनियर एच के मर्सकोले को भी निलंबित किया जा चुका है, लेकिन इंजीनियर इन चीफ टीजी कोसरिया को नोटिस देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इस मामले में एसई रूपकुमार गेंदले से लगातार चर्चा करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।

मुंगेली 2.73 करोड़ से अधिक का टेंडर दिया

 अधीक्षण अभियंता रूपकुमार गेंदले के दामाद पी कुमार इंटरप्राइजेस एंड कंस्ट्रक्शन सीजी ईआर 02200 को मुंगेली के ग्राम दाबाे में रेट्रो फिटिंग नलजल प्रदाय योजना का 6989702 रुपए का वर्क ऑर्डर 23 जून 2021 को जारी किया गया। इसी तरह से मुंगेली के ही ग्राम बिजातराई में एक ग्राम योजना में 1,05,30,285 रुपए का वर्क ऑर्डर 31 अक्टूबर 2022 को जारी किया गया। तीसरा वर्क ऑर्डर 12 मई 2021 को 9807112 रुपए का बम्हनीडीह, नवागांव और अन्य 9 गांवों के लिए इंटर कनेक्शन टेस्टिंग और सोलर बेस्ड पीडब्ल्यूएसएस कमीशनिंग के लिए जारी किया गया। इस तरह कुल 2 करोड़ 73 लाख 27 हजार 99 रुपए का टेंडर रिश्तेदारों को दिए गए। पी कुमार ने अपनी इस फर्म में अपने साले और अधीक्षण अभियंता रूपकुमार गेंदले के बेटे शैलेंद्र गेंदले को पार्टनर बनाया है।

यह है रिश्तेदारों को ठेका देने का नियम

टेंडर नियमों के पैरा 2.085 में स्पष्ट है कोई भी निविदा स्वीकृत करने वाला सक्षम अधिकारी अपने रिश्तेदारों को टेंडर देने का निर्णय खुद न कर उसे अपने उच्च अफसरों के पास स्वीकृति के पास भेजता है पर संबंधित ठेके में ऐसा नहीं किया गया। इसके अलावा धारा 3.11 में प्रावधान है कि ठेकेदार को उस संभाग के अंतर्गत काम की अनुमति नहीं होगी जिसमें उनके परिजन संभागीय लेखापाल के रूप में पदस्थ हों।

दो और जगह ऐसी ही गड़बड़ी

महासमुंद और कांकेर में भी रिश्तेदारों को ठेका देने के मामले में कार्रवाई की गई है। कांकेर के प्रभारी ईई सहदेव राम नेताम ने अपने बेटे विवेक नेताम की फर्म एसआर कंस्ट्रक्शन को कुल 6 करोड़ 92 लाख रुपए के टेंडर बांटे।

नियमों के विपरीत टेंडर

"यदि बेटे और दामाद को टेंडर दिया गया है, यह नियमों के विपरीत है। पद पर रहते हुए क्लोज रिश्तेदारों को टेंडर नहीं दिया जा सकता। और इस मामले की जांच कराई जाएगी"

-एस. भारतीदासन, सचिव, पीएचई

जरूर कार्रवाई की जाएगी

गुरु रूद्र कुमार, मंत्री, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, छग शासन, रायपुर

आपके विभाग के एसई ने रिश्तेदारों को टेंडर दिया है?

- किन रिश्तेदारों को दिया है।

जो दस्तावेज मिले हैं उनमें दामाद और बेटे का नाम है?

- यदि ऐसा है तो आप मुझे भेजिए मैं निश्चित रूप से कार्रवाई करूंगा।

प्रावधान क्या कहते हैं?

- रिश्तेदारों को टेंडर नहीं दिया जा सकता।

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