महिला व बाल विकास विभाग की सामग्री खरीदी की राशि के आंकड़े विधानसभा में भेजने पर 5 करोड़ 29 लाख 65488 रुपए का अंतर पाया गया, जांच के लिए पांच सदस्यीय टीम का गठन
कोरबा/ महिला व बाल विकास विभाग में डीएमएफ से पूरक पोषण आहार खाद्य सामग्री की खरीदी मामले में जांच के लिए अपर कलेक्टर के नेतृत्व में 5 सदस्यीय कमेटी गठित की है। कलेक्टर संजीव झा ने जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने कहा है।
महिला व बाल विकास विभाग में डीएमएफ से 3 साल में 50 करोड़ 35 लाख 19 हजार रुपए की खाद्य सामग्री खरीदी की गई थी। विधानसभा में मामला उठने पर विभाग ने सामग्री खरीदी की राशि के आंकड़े दो बार भेजा। इसमें 5 करोड़ 29 लाख 65488 रुपए का अंतर पाया गया। विभाग की संचालक ने इस गड़बड़ी के संबंध में कलेक्टर को पत्र लिखकर जांच प्रतिवेदन मांगा है। विधानसभा में यह मामला भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने लगाया था।
2 साल की राशि में ही गड़बड़ी सामने आई है। यही नहीं राज्य भंडार क्रय नियम का भी खरीदी में पालन नहीं किया गया है। इस वजह से जिम्मेदार अफसरों का नाम भी भेजने कहा है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि महिला व बाल विकास विभाग में अंडा, केला और लड्डू की खरीदी स्व-सहायता समूह से करना बता दिया है। कोई भी सामग्री राज्य भंडार क्रय नियम के तहत ही खरीदी की जा सकती है।
राशि में अंतर को लेकर भी यह चर्चा है कि कहीं कागजों में खरीदी करने के बाद अफसर राशि को खा तो नहीं गए हैं। कलेक्टर ने संचालक के पत्र मिलने के बाद अपर कलेक्टर की अध्यक्षता में जांच कमेटी बनाई है। इसमें जिला पंचायत सीईओ, उद्योग विभाग के महाप्रबंधक, जिला कोषालय अधिकारी और जिला कार्यक्रम अधिकारी को शामिल किया है।

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