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कामधेनु विश्वविद्यालय के 30 करोड़ रुपए खर्च कर घटिया निर्माण, अनियमितता और घोटालों के आरोप में जाँच शुरू मगर अधिकारियों को ही नहीं पता क्या जांच करनी है

दुर्ग-भिलाई/ कामधेनु विश्वविद्यालय में वर्ष 2016-17 में हुए भवन निर्माण की गड़बड़ियों की जांच अब तक अधूरी है। करीब 30 करोड़ रुपए खर्च कर 6 से अधिक निर्माण हुए। घटिया निर्माण, अनियमितता और घोटालों के आरोप में इन मामलों में जांच शुरू की गई। जांच अब भी पूरी नहीं हो पाई है। पिछले दिनों 28 फरवरी को हुई बैठक में पुन: इस मामले में चर्चा हुई।

खास बात यह है कि जांच को लेकर 9 बार रिमाइंडर भेजा जा चुका है। इसके बाद भी गंभीरता से नहीं लिया गया है। जांच के लिए बनाए गए अधिकारियों को नहीं पता है कि उन्हें क्या जांच करनी है। एक का कहना है कि मुझे मापने की जिम्मेदारी मिली थी, लेकिन क्या मापना पता नहीं। दूसरे का कहना है कि मैं वेटरनरी डॉक्टर हूं, इंजीनियर नहीं। मुझे निर्माण सामग्री की जांच के लिए इंजीनियर दीजिए। एक अफसर को छोड़कर किसी ने कोई रिपोर्ट नहीं दी। अब 30 दिन के भीतर रिपोर्ट देने आदेश जारी किया गया है।

कामधेनु विश्वविद्यालय अंजोरा का मामला

बिलासपुर समेत अन्य सभी भवनों में लगी सामग्री की जांच

गड़बड़ी जो सामने आई :- बिलासपुर में नए महाविद्यालय का भवन अधूरा है, लेकिन भुगतान पूरा। कुलपति निवास का छज्जा गिर गया। रिसर्च टावर में दरार, लाइब्रेरी और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के भवन अधूरे निर्माण पर डॉ. ओपी मिश्रा को जांच सौंपी गई।

यह है डॉ. मिश्रा का जवाब :- मैं एक वेटरनरी डॉक्टर हूं, सिविल इंजीनियर नहीं। इसी वजह से रिपोर्ट नहीं बन पाई।

डेयरी टेक्नोलॉजी के डॉक्टर पर लगे 6 आरोप

यह था मामला

डॉ. सुधीर उपरीत डेयरी टेक्नोलॉजी के डीन से ट्रांसफर होकर डीन छात्र कल्याण बनकर आए थे। उन पर कुछ अन्य आरोप भी लगे। इस पर बिलासपुर कॉलेज के डॉ. एसपी इंगोले को जांच सौंपी गई।

डॉ. इंगोले का जवाब :- मामले में जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत की गई है। सैलरी के मामले में फंड नहीं होना बताया गया।

किस अफसर को क्या जांचने मिला , जानिए

भवन निर्माण में गड़बड़ी जो सामने आई :- भवनों के निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग करने की बात सामने आई। डॉ. एके अग्रवाल को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई।

डॉ. अग्रवाल का जवाब : मामले के बारे में पूछे जाने पर डॉ. अग्रवाल ने दैनिक भास्कर से कहा कि जांच अभी तक चल रही है। बयान होने हैं।

इन भवनों के निर्माण में गड़बड़ी

पशु चिकित्सा महाविद्यालय परिसर में ही विश्वविद्यालय का संचालन किया जा रहा है। विश्वविद्यालय निर्माण के बाद यहां कुलपति निवास, कुलसचिव निवास, रिसर्च टावर, प्रशासनिक भवन, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, पुस्तकालय, प्रोफेसर हास्टल, अनुसंधान भवन, बिलासपुर में नया वेटरनरी कॉलेज भवन की जरूरत महसूस की गई। शासन से अनुमति लेने और प्राक्कलन के बाद निर्माण कार्य शुरू किया गया, लेकिन निर्माण में भारी गड़बड़ी हुई।

30 दिन का अल्टीमेटम दिया है

9-9 बार स्मरण पत्र भेजने के बाद भी जांच अधिकारियों ने जवाब नहीं दिया तो उन्हें कड़ी चिट्ठी लिखकर बुलाया गया। रिपोर्ट नहीं सौंपने का कारण पूछा गया। निर्धारित समय में रिपोर्ट नहीं देने पर कुलपति ने नाराजगी व्यक्त की। बैठक में फैसला लिया गया कि दोनों अधिकारी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए प्रकरणों की जांच कर उसकी विस्तृत रिपोर्ट 30 दिन के भीतर देंगे। नहीं तो उनके पेंशन प्रकरण रोकने की प्रक्रिया की जाएगी। -डॉ. आरके सोनवाने, कुलसचिव, कामधेनु विश्वविद्यालय

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