कवर्धा जिले के 247 गुड़ फैक्ट्रीयों में गड़बड़ियाँ, किसी का उद्योग विभाग से पंजीयन नहीं तो किसी का पर्यावरण एनओसी नहीं, किसी के विभागीय दस्तावेज अधूरे
कवर्धा/ पिपरिया थाना क्षेत्र के ग्राम चरडोंगरी स्थित गुड़ उद्योग में पिछले दिनों चरखा मशीन में फंसने से बाल श्रमिक की मौत हो गई थी। घटना को संज्ञान में लेते हुए कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने सुरक्षा के मद्देनजर सभी गुड़ उद्योगाें का सर्वे कराया। सर्वे के दौरान जिले में 247 गुड़ फैक्ट्री का चिह्नांकन किया गया है। इनमें किसी का उद्योग विभाग से पंजीयन नहीं है, तो किसी ने पर्यावरण एनओसी नहीं लिया है।
अमूमन सभी गुड़ फैक्ट्रियों में कुछ न कुछ कमियां पाई गई है। कलेक्ट्रेट में साेमवार को गुड़ उद्योग संघ, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, श्रम विभाग समेत प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक हुई। कलेक्टर ने गुड़ उद्योग संचालकों से जिले में चल रहे सभी गुड़ उद्योग को नियमानुसार व सभी विभागीय दस्तावेजों को पूरा करते हुए संचालित करने निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि दस्तावेजों, नियमों की जानकारी देने और पूरा करने में सहयोग के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसके माध्यम से सभी गुड़ उद्योग की जानकारी प्राप्त कर मापदंड को पूरा कराने समझाइश दी है। इस संबंध में कोताही नहीं बरतने के निर्देश कलेक्टर ने दिए हैं।
- जिले में 21 बिंदुओं पर किया गया उद्योगों का सर्वे
कलेक्टर के निर्देश पर जिले में संचालित गुड़ उद्योगों का 21 बिंदुओं पर सर्वे कराया गया। स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के मानकों के अलावा भूमि डायर्वसन, बकाया भू-भाटक, उद्योग विभाग से पंजीयन की जानकारी, श्रम विभाग से पंजीयन की डिटेल, औद्योगिक बिजली पंजीयन, कार्यरत मजदूरों की संख्या, मजदूरों को नियमित और नियत दर पर भुगतान की जानकारी, पर्यावरण संरक्षण मंडल की एनओसी, उद्योग में स्थापित मशीनों की संख्या, उत्पादक क्षमता, संबंधित ग्राम व नगरीय निकायों से एनओसी सहित अन्य बिंदुओं पर सर्वे की गई। सर्वे में खामियां निकलकर सामने आई है।

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