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भगौड़े स्वामी नित्यानंद को मिले कैलासा दर्जा छिना, अमेरिका के शहर नेवार्क ने कैलासा के साथ हुए सिस्टर सिटी एग्रीमेंट को 18 जनवरी को रद्द कर दिया

भारत के भगौड़े स्वामी नित्यानंद के देश कैलासा के साथ अमेरिका के शहर नेवार्क ने अपना सिस्टर सिटी एग्रीमेंट कैंसिल कर दिया है। नेवार्क की प्रेस सचिव सुजैन गैरोफलो ने एग्रीमेंट पर पछतावा जताया है। उन्होंने कहा- जैसे ही हमें कैलासा की परिस्थितियों के बारे में पता चला हमने एग्रीमेंट खत्म कर दिया। ये एग्रीमेंट धोखे से किया गया था।

दरअसल, अमेरिका के शहर नेवार्क ने 11 जनवरी को कैलासा के साथ एक सिस्टर सिटी एग्रीमेंट किया था। इसके बाद नित्यानंद ने दावा किया था कि अमेरिका ने उसके देश को मान्यता दे दी है।

कैलासा की प्रतिनिधि विजयप्रिया

 नित्यानंद ने इस एग्रीमेंट से जुड़े समारोह की कई फोटोज भी फेसबुक पर शेयर की थी।

सिस्टर सिटी एग्रीमेंट 18 जनवरी को रद्द हुआ समझौता

नेवार्क के काउंसिल मैन लुइस क्विंटाना ने 18 जनवरी को इस समझौते को रद्द करने के लिए एक प्रस्ताव पेश किया। क्विंटाना ने कहा- किसी भी देश को सिस्टर सिटी एग्रीमेंट में शामिल होने के लिए वहां ह्यूमन राइट्स का सही तरह से पालन होना जरूरी है। हम किसी ऐसे देश को शामिल नहीं कर सकते जो विवादों में घिरा हो और जहां ह्यूमन राइट्स का पालन न होता हो। ये समझौता एक गलती थी जो हम नहीं कर सकते। इसके बाद प्रस्ताव पास करते हुए नेवार्क ने ये एग्रीमेंट रद्द कर दिया।

UN की बैठक में नजर आई थीं कैलासा की प्रतिनिधि

इससे पहले 24 फरवरी को जेनेवा में UN की बैठक में नित्यानंद के कथित देश कैलासा की प्रतिनिधि विजयप्रिया भी नजर आई थी। इस दौरान उसने इकोनॉमिक और सोशल राइट्स के साथ सस्टेनेबल डेवलपमेंट पर चर्चा में हिस्सा लिया था। विजयप्रिया ने कहा था कि नित्यानंद को उनके जन्मस्थल पर हिंदू विरोधी लोग प्रताड़ित कर रहे हैं। हालांकि, बाद में उसने एक वीडियो जारी कर इस पर सफाई भी दी थी।

2020 में नित्यानंद ने कैलासा नाम से अपना अलग द्वीप बसाने का दावा किया था।

2019 में देश छोड़कर भागा था नित्यानंद

2010 में नित्यानंद की एक शिष्या ने उस पर रेप का आरोप लगाया था। तहकीकात के बाद 2019 में गुजरात पुलिस ने कहा था कि नित्यानंद के आश्रम में बच्चों को किडनैप करके रखा जाता है। इसके बाद पुलिस ने छापा मारकर 2 लोगों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद 2019 में नित्यानंद देश छोड़कर भाग गया था। 2020 में उसने कैलाशा नाम से अपना अलग द्वीप बसाने और इसे अलग देश का दर्जा मिलने का दावा किया था। हालांकि, अब तक इस द्वीप या देश को किसी देश ने मान्यता नहीं दी है।

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