शराब पीते हुए गुरु-चेले में बड़ा तांत्रिक बनने के मामले पर बहस हो गई, बहस बढ़ने पर गुरु तांत्रिक की ही हत्या कर उसकी बलि चढ़ाने के बाद खून भी पीया चेले ने
धमतरी/ लोमश ऋषि आश्रम एनीकट तटबंध के पास एक जली हुई अधजली लाश मिलने से सनसनी फैल गई। करेली बड़ी पुलिस ने पंचनामा के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। धमतरी पुलिस ने आज इस मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा कर दिया है। आरोपी ने बताया कि उसने तंत्र विद्या सीखने के चक्कर में अपने गुरु की बलि चढ़ा दी। दोनों लंबे समय से तंत्र विद्या सीख रहे थेे।
पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी रौनक सिंह छाबड़ा ने पूछताछ में बताया कि रायपुर निवासी बसंत पेंटर तांत्रिक भी था और आरोपी उसका चेला बनकर तंत्र विद्या सीख रहा था। इसी बीच ३१ जनवरी की रात को तांत्रिक व तीन अन्य बैठक शराब पी और इसमें दो लोग चले गए। इसके बाद चेले को तंत्र विद्या की जानकारी लेने की धुन सवार हुई और उसने बड़ा तांत्रिक बनने के लिए विवाद शुरू कर दिया। बात बढऩे पर उसने लाठी से तांत्रिक बसंत की हत्या कर उसकी बलि चढ़ा दी और कत्ल के दौरान शरीर से निकले खून को भी पिया। हत्या करने के बाद उसे पकड़े जाने का डर सताया तो उसने लाश को जलाने की कोशिश की लेकिन लाश पूरी तरह से नहीं जल पायी तो यंू ही खुले में छोड़कर भाग गया।
धमतरी जिले के मगरलोड थाना क्षेत्र के बुडेनी गांव में हुए हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. इस मामले में रायपुर के रहने वाले 25 साल के रौनक छाबड़ा को पुलिस ने हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी रौनक को तांत्रिक विद्या में रुचि थी और तांत्रिक सिद्धि के लिए उसने राजिम नवापारा के पेंटर बसंत साहू को अपना गुरु बनाया था. दोनों काफी दिनों से तांत्रिक सिद्धि पाने के लिए पूजा पाठ और क्रिया कर्म में लगे हुए थे. 1 दिन पहले करेली बड़ी चौकी के लोमश ऋषि आश्रम पैरी नदी किनारे नवागांव निवासी बसन्त साहू की अधजली लाश मिली थी जिसका खुलासा पुलिस ने कर दिया है.
दरअसल बीते 31 जनवरी की रात भी दोनों बुडेनी गांव के सुनसान इलाके में पहुंचे यह इलाका श्मशान घाट के पास ही है. यह दोनों ने शराब पी और पूजा पाठ में जुट गए. लेकिन 31 जनवरी को रौनक किसी और इरादे से पहुंचा था, दरअसल रौनक को कहीं से यह जानकारी भी मिली थी, कि अगर अपने गुरु के खून को पी जाओ तो उसकी सारी सिद्धियां एक बार में ही हासिल हो जाती है, और रौनक छाबड़ा ने इसी शॉर्टकट तरीके से सिद्धि पाने की योजना बनाई इस योजना को उसने 31 जनवरी की रात अंजाम दे दिया,उसने अपने तंत्र गुरु बसंत साहू के सिर पर ताबड़तोड़ वार किया,जिससे बसंत साहू वहीं ढेर हो गया,इसके बाद आरोपी रौनक छाबड़ा ने बड़ी निर्ममता से दीए में भरकर अपने गुरु बसंत साहू का खून पिया, इसके बाद सारे सबूत नष्ट करने के इरादे से उसने बसंत साहू की लास्ट में आग लगा दी, और वहां से चला गया लेकिन लास पूरी तरह नहीं जलपाई, दूसरे रोज 1 फरवरी को पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू की सीसीटीवी फुटेज जुटाए तो पता चला की आखरी बार बसंत साहू को रौनक छाबड़ा के साथ देखा गया था, पुलिस ने बिना देर किए ही रौनक का पता ठिकाना मालूम किया, और उसे रायपुर से गिरफ्तार कर लिया गया, इस खुलासे के बाद पूरे जिले में लोग हैरान हैं,और सनसनी फैली हुई है।
धमतरी जिले की पुलिस के अनुसार करेली बड़ी चौकी क्षेत्र से 14 किमी दूर ग्राम नवागांव (बूडे़नी) एनीकट तटबंध के पास पैरी नदी के किनारे जली अवस्था में लाश मिलने की खबर फैलते ही वहां बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। बुधवार को घटना की सूचना नवागांव के पूर्व सरपंच बिहारी लाल साहू ने करेली पुलिस को दी। पश्चात एसडीओपी कृष्ण पटेल, चौकी प्रभारी दीपा केंवट, कुरूद टीआई प्रणाली वैद्य दलबल के साथ मौके पर पहुंच गए। फोरेंसिक एक्सपर्ट व डाग स्क्वाड टीम ने भी घटनास्थल की बारीकी से जांच-पड़ताल की।
एसडीओपी कुरूद पटेल ने बताया कि मृतक की पहचान नयापारा थाना सोमवानी बाजार वार्ड क्रमांक-15 निवासी बसंत कुमार साहू (50) पिता स्व. रामजी साहू के रूप में हुई है। वह पेंटर का काम करता था। बताया जा रहा है कि पहले किसी धारदार हथियार से हत्या कर दी गई, फिर पहचान छुपाने के लिए जलाया गया है, लेकिन चेहरा पूरी तरह जल नहीं पाया।

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