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छ.ग. के अधिकतर कलेक्टर कामचोर, जनता हो रही बहुत परेशान

 छ.ग. के अधिकतर कलेक्टर कार्यों में भारी लापरवाही बरत रहे हैं जिसके कारण जनता बहुत परेशान है एवं शासन को करोड़ों रूपए का नुकसान भी हो रहा है जो कि इस प्रकार हैः- 

1. छ.ग. के अधिकतर कलेक्टरों की लापरवाही के कारण छग. राजस्व न्यायालयों एवं कार्यालयों में लाखांे मामले एक साल से भी ज्यादा समय से पेंडिग पड़े हंै जिसके कारण जनता बहुत परेशान है। कार्य में लापरवाही बरतने वाले राजस्व अधिकारियों को वेतन वृद्धि रोकने की सजा या डिमोशन करने की सजा मिलना आवश्यक है। 
2. छ.ग. के अधिकतर कलेक्टरों की लापरवाही के कारण छ.ग. में नकली एवं अमानक खाद का प्रकरण बढ़ते जा रहा है छ.ग. में तीन साल के अन्दर लगभग 600 छै सौ प्रकरण सामने आया है। अमानक खाद वालों के खिलाफ में कृषि अधिकारियों द्वारा पुलिस में एफआईआर दर्ज नहीं करवाने के कारण ही किसानों के साथ धोखाधड़ी बढ़ते जा रहा है।
3. छ.ग. के कलेक्टरों एवं खनिज अधिकारियों की लापरवाही तथा मनमानी के कारण रेत डबल कीमत में बिकता है। अवैध खनिज उत्खनन बढ़ता जा रहा है एक वर्ष के अन्दर ही लगभग 5000 पांच हजार अवैध उत्खनन एवं अवैध परिवहन के मामले सामने आए हंै। अवैध उत्खनन परिवहन के कारण शासन को करोड़ों रूपए के जीएसटी का नुकसान होता है। अवैध उत्खनन एवं परिवहन वालों को जेल की सजा के बजाय छोटा सा जुर्माना करने के कारण ही अवैध परिवहन बढ़ते जा रहा है। अवैध खनिज परिवहन के लगभग 50 प्रतिशत मामलों में कम जुर्माना करके शासन को करोड़ों रूपए का नुकसान पहुँचाया जाता है। रेत खदानों में सीसीटीवी कैमरा नहीं लगवाने के कारण भी अवैध परिवहन बढ़ रहा है। 
4. छ.ग. के कलेक्टरों की लापरवाही के कारण छ.ग. में पिछले वर्ष सैकड़ों सड़क खराब होकर पड़े थे, जनता बहुत पेरशान थी और कलेक्टर लोग कुंभकरण की तरह सो रहे थे।
5. छ.ग. के अधिकतर कलेक्टरों ने खनिज न्यास संस्थान के राशि वितरण में भारी घोटाला एवं फर्जीवाड़ा किया है जिसका जनता द्वारा बहुत शिकायत हुआ है। उच्चाधिकारी लोग शिकायतों को दबाने का प्रयास कर रहे हैं जिसके कारण जांच में लपारवाही किया जा रहा है।
6. छ.ग. के व्यापारियों द्वारा खाद्य सामानों में भारी मिलावट खुलेआम किया जाता है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन के खाद्य निरीक्षकों द्वारा मिलावट खोरों को जेल की सजा नहीं दिलवाने के कारण ही मिलावटखोरी  बढ़ता जा रहा है। छोटे न्यायालयों में मिलावटखोरों को जेल की सजा देने के बजाय पांच-दस हजार रूपए का जुर्माना लगाकर छोड़ दिया जा रहा है। मिलावटखोरों को जेल की सजा दिलवाने हेतु बड़े न्यायालयों में अपील होना चाहिए।
7. छ.ग. में जमीन से सम्बन्धित थोक में फर्जीवाड़ा पटवारी एवं राजस्व अधिकारियों द्वारा किया जा रहा है। फर्जीवाड़ा करने वाले पटवारियों एवं तहसीलदारों के खिलाफ पुलिस में एफआईआर नहीं करवाने के कारण ही फर्जीवाड़ा बढ़ता जा रहा है। यह सब कलेक्टरों की लापरवाही के कारण हो रहा है।


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