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गला तर करने पी रहे पेय पदार्थों से सावधान; सफाई व्यवस्था और बर्फ की शुद्धता पर ध्यान नहीं, कर रहे लापरवाही

 बाहर जाकर पीते हैं जूस तो हो जाएं सावधान, स्वाद बढ़ाने के लिए किया जा रहा केमिकल का प्रयोग/ लोगों को गला अब सूखने लगा है। ऐसे में वे गर्मी से निजात पाने के लिए गन्ना रस और अन्य पेय पदार्थों से अपना गला तर कर रहे हैं। गर्मी बढ़ने के साथ ही इन दुकानों में ग्राहकों की भीड़ लगना भी शुरू हो गया है, लेकिन यहां सफाई व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

गर्मी का सीजन शुरू होते ही गन्ना रस, जूस और कोल्ड्रिंक(Cold drinks) की डिमांड बढ़ गई है, जिसके चलते कई जगहों पर गन्ना रस की दुकानें खुल गई हैं, लेकिन यहां सफाई व्यवस्था और बर्फ की शुद्धता पर ध्यान नहीं दिया रहा है।

विभाग की ओर से कार्रवाई नहीं होने से लोगों की सेहत(Health) डावांडोल हो रही है। दिन का तापमान बढ़ने के साथ ही गर्मी से लोगों को गला अब सूखने लगा है। ऐसे में वे गर्मी से निजात पाने के लिए गन्ना रस और अन्य पेय पदार्थों से अपना गला तर कर रहे हैं। गर्मी बढ़ने के साथ ही इन दुकानों में ग्राहकों की भीड़ लगना भी शुरू हो गया है, लेकिन यहां सफाई व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ग्राहकों को 10 रूपए में एक गिलास गन्ना दिया जा रहा है, लेकिन सफाई व्यवस्था पर उनका कोई ध्यान नहीं है।

जानकारी के अनुसार, वर्तमान में गन्ना करीब प्रति किलो करीब साढ़े 8 रूपए के भाव से मिल रहा है। गर्मी का सीजन(Summer Season) शुरू होने के साथ ही इसकी खपत भी बढ़ गई है। बाहर से पर्याप्त गन्ना का खेप पहुंचने से जैसा गन्ना मिल रहा है, वैसा ही दुकानदार उठा रहे हैं। ऐसे में इसकी क्वालिटी को लेकर भी सवाल उठने लगा है। कई दुकानों में तो गन्ना को साफ किए बिना ही गन्ना से रस निकाला जा रहा है। इससें लोगों की सेहत पर खतरा मंडराने लगा है। इसी तरह फ्रूट दुकानों (Fruit Shops)में जूस को गाढ़ा और स्वादिष्ट बनाने के लिए केमिकल युक्त सेक्रिन(Chemical Saccharin) का उपयोग किया जा रहा है। इससे भी लोगों की सेहत दांव पर लग गई है।

बीमार होने की बढ़ी आशंका

विशेषज्ञ डॉ यूएल कौशिक का कहना है कि शरीर को ठंडा और तारोताजा रखने के लिए पानी सबसे महत्वपूर्ण है। गर्मी के सीजन में लोग ठंडा गन्ना रस और कोल्ड्रिक(Sugarcane Juice and Coldrick) का सेवन करते समय इसकी शुद्धता पर ध्यान देना जरूरी है। छोटी की लापरवाही होने पर लोग डायरिया समेत अन्य जलजनित बीमारी से पीड़ित हो सकते हैं।

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