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गड़बड़ी करने वालों को ही जांच समिति में किया गया शामिल, फर्जी वन समिति बनाकर करोड़ों रुपए का घोटाला करने में मरवाही डिवीजन के पूर्व डीएफओ ने दी थी राशि आहरण को मंजूरी

बिलासपुर।मरवाही वन मंडल में फर्जी वन समिति बनाकर करोड़ों रुपए का घोटाला करने वालों की जांच कमेटी में जिन अफसरों को रखा गया है उनमें मरवाही डिवीजन के पूर्व डीएफओ दिनेश पटेल भी शामिल हैं, जिन्हाेंने राशि आहरण की मंजूरी दी थी। उन पर किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की गई है न ही इस दिशा में कोई जांच ही चल रही है।

कायदे से उन्हें कमेटी में नहीं रखा जाना था। दूसरी तरफ पीसीसीएफ के आदेश के बाद जांच कमेटी को नए सिरे से गठित करके उसमें वन कर्मचारी संघ के दाे पदाधिकारियों को शामिल करने का आश्वासन दिया है।

करोड़ों रुपए के घोटाले की जांच के लिए बनी कमेटी और निचले स्तर पर फारेस्ट गार्ड और फारेस्टर पर की गई कार्रवाई से नाराज वन कर्मचारी संघ ने इस मामले में डीएफओ, एसडीओ और रेंजरों को भी आरोपी बनाने की मांग को लेकर रविवार को सीसीएफ राजेश चंदेले से मुलाकात कर पीसीसीएफ के आदेशानुसार की गई कार्रवाई को निरस्त करते हुए कर्मचारियों को बहाल करने और नए सिरे से जांच कमेटी बनाकर जांच कराने की मांग की।

साथ ही वन कर्मचारियों की रुकी हुई पदोन्नित सूची जारी करने की मांग रखी थी। इस मामले में चर्चा के बाद सीसीएफ राजेंश चंदेले ने उन्हें आश्वस्त किया है कि जिन कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है। उन्हें निरस्त करेंगे और कमेटी नए सिरे से बनाएंगे जिसमें उन्होंने वन कर्मचारी संघ के पदाधिकारी वेद शर्मा और जितेंद्र साहू को रखे जाने का आश्वासन दिया है।

इस आश्वासन के बाद वन कर्मचारियों ने सोमवार को प्रस्तावित आंदोलन को स्थगित कर दिया है। वन कर्मचारी संघ की ओर से जिंतेंद्र साहू ने बताया कि बैठक के बाद जो आश्वासन मिला है उसके अनुसार आंदोलन वापस ले लिया गया है। बाकी आदेश सोमवार को जारी करने का आश्वासन मिला है।

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