रात को सोने से पहले लेंस न निकलना पड़ा भारी, माइक क्रमहोल्ज ने खो दी आंख की रोशनी; जानें लेंस लगाने के नियम
अमेरिका के फ्लोरिडा में 21 साल के माइक क्रमहोल्ज के आंख की रोशनी इसलिए चली गई क्योंकि वो कॉन्टैक्ट लेंस पहनकर सो गए। क्रमहोल्ज सालों से लेंस का इस्तेमाल कर रहे थे और इससे होने वाले इन्फेक्शन के बारे में अच्छी तरह जानते भी थे।
इसके बावजूद एक दिन काम से लौटने के बाद वो लेंस निकाले बिना ही सो गए। अगले दिन उठे तो दाईं आंख में खुजली और रेडनेस की समस्या हुई। पहले तो क्रमहोल्ज को लगा कि मामूली इन्फेक्शन है मगर प्रॉब्लम बढ़ती जा रही थी।
क्या कॉन्टैक्ट लेंस पहनने की वजह से आंखों की रोशनी जा सकती है, कॉन्टैक्ट लेंस चुनते हुए क्या सावधानी बरतनी चाहिए और लेंस पहनने से क्या-क्या प्रॉब्लम्स हो सकती हैं।
हमारे एक्सपर्ट हैं डॉ. ललित श्रीवास्तव, आई स्पेशलिस्ट, कमला नेहरू हास्पिटल, भोपाल और डॉ. महावीर दत्तानी, कंसलटेंट ऑपथैल्मोलॉजी, कोकिलाबेन अम्बानी हास्पिटल, इंदौर।
सवाल: कॉन्टैक्ट लेंस क्यों पहना जाता है?
जवाब: लेंस पहनने के पीछे ये वजह हो सकती हैं …
- ज्यादातर लोग चश्मे से छुटकारा पाने के लिए कॉन्टैक्ट लेंस पहनते हैं। चश्मा लुक खराब करता है और इससे चेहरे पर निशान भी पड़ जाते हैं।
- कई लोग आंखों का कलर बदलने के लिए कॉन्टैक्ट लेंस पहनते हैं।
- स्टेज पर परफॉर्म करने वाले आर्टिस्ट अपने कैरेक्टर को दिखाने के लिए लेंस पहनते हैं।
सवाल: क्या कॉन्टैक्ट लेंस पहनने से आंखों की रोशनी जा सकती है?
जवाब: गलत तरह से कॉन्टैक्ट लेंस पहनने पर आंख में बहुत सारी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं जिसमें इन्फेक्शन और कोर्नियल अल्सर शामिल हैं। कोर्नियल अल्सर से आंख में जख्म हो जाता है। इससे इंसान की आंखों की रोशनी भी जा सकती है।
- कोर्नियल अल्सर के ये होते हैं लक्षण…
- आंख से नॉर्मल से ज्यादा पानी आना
- आंख का लाल होना
- आंख से पानी और पस निकलना
- आंख में तेज दर्द महसूस होना
- धुंधलापन
- आंख की पुतली यानी काले हिस्से पर सफेद दाग जैसा दिखना
सवाल: इस मामले में पेशेंट को क्या समस्या हुई थी?
जवाब: इस मामले में पेशेंट को आंख में अकैंथअमीबा कैराटाइटिस नाम की एक रेअर बीमारी हुई थी। यह बीमारी एक माइक्रोस्कोपिक अमीबा अकैंथअमीबा की वजह से होती है। अकैंथअमीबा एक पैरासाइट है।
गंदे पानी के संपर्क में आने से ये पैरासाइट आंख में आ जाता है। कॉन्टैक्ट लेंस पहनने वाले लोगों में यह बीमारी कॉमन है क्योंकि लेंस के जरिए आंख में गंदगी आसानी से जा सकती है।
सवाल: क्या उसकी प्रॉब्लम ठीक हो सकती है?
जवाब: अगर समय पर अकैंथअमीबा कैराटाइटिस का पता चल जाए और सही इलाज मिल जाए तो इसे ठीक किया जा सकता है। यहां तक की अगर किसी की आंख की रोशनी इसकी वजह से चली गई है तो इलाज के बाद विजन लौट सकता है।
सवाल: कॉन्टैक्ट लेंस पहनते हुए किन बातों का ख्याल रखना चाहिए?
जवाब: अगर आप कॉन्टैक्ट लेंस पहनते हैं तो इन बातों का रखें ख्याल…
- लेंस पहनकर कभी सोना नहीं चाहिए।
- लेंस पहनते हुए नाखून लंबे नहीं होने चाहिए।
- लेंस पहनकर नहाने या स्विमिंग करने की गलती न करें।
- सलाइन या पानी से लेंस न धोएं। इससे लेंस में कीटाणु रह जाते हैं।
- लेंस केस को साफ रखें और समय-समय पर लेंस केस बदलते रहें।
- अगर लेंस पहनने के बाद आंखों में चुभन महसूस हो रही है तो तुरंत उन्हें निकाल दें।
- डिस्पोजेबल लेंस को एक दिन से ज्यादा इस्तेमाल न करें।
- लेंस की ड्यूरेबिलिटी का ख्याल रखें। अगर आपने 6 महीने वाले लेंस लिए हैं तो खोलने के 6 महीने बाद उन्हें डिस्पोस कर दें।
सवाल: आंख में कॉन्टैक्ट लेंस ऊपर की तरफ या मिसप्लेस हो जाए तो क्या करे?
जवाब: अगर आंख में लेंस मिसप्लेस हो गया है तो…
- सबसे पहले आईलिड को हल्का मसाज करें।
- बार-बार पलक झपकाएं।
- लेंस को चिकना करने के लिए आई ड्रॉप का इस्तेमाल करें।
- इसके बाद लेंस आंख के बीच में आ जाएगा।
- अब फिंगरटिप का इस्तेमाल कर लेंस को आंख से बाहर निकाल लें।
सवाल: आंख में ही कॉन्टैक्ट लेंस टूट जाए तो क्या करें?
जवाब: अगर कॉन्टैक्ट लेंस आंख में टूट गया है तो घबराएं नहीं। निकालने की कोशिश करें। आई ड्रॉप डालें और बार-बार पलक झपकाएं। इससे लेंस के टुकड़े आंख के किनारे पर आ जाएंगे और उन्हें आंख से निकाला जा सकता है। इसके अलावा आर्टिफिशियल टियर ड्रॉप भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे आंसुओं के साथ लेंस आंख से बाहर आ जाएगा। इस सबको करते हुए हाथ बिल्कुल साफ होने चाहिए।
अगर इससे कोई फायदा नहीं होता तो डॉक्टर के पास जा सकते हैं।
सवाल: कॉन्टैक्ट लेंस कैसे चुनना चाहिए?
जवाब: कॉन्टैक्ट लेंस खरीदने जा रहे हैं तो कुछ बातों का ख्याल रखें। सबसे पहले जान लें कि लेंस तीन तरह के होते हैं…
- क्लियर लेंस: ये सॉफ्ट और ट्रांसपेरेंट लेंस होता है जिसका इस्तेमाल आई विजन ठीक करने के लिए किया जाता है।
- कलर लेंस: ये पिगमेंटेड लेंस होते हैं। इनका इस्तेमाल आंखों का रंग बदलने के लिए किया जाता है।
- टॉरिक लेंस: ये स्फेरिकल और सिलेंड्रिकल पावर लेंस होते हैं। इनका इस्तेमाल एस्टिगमैटिज्म वाले लोग करते हैं।
लेंस खरीदने जा रहे हैं तो जान लें…
सबसे पहले अपनी आई कंडीशन को जानें। अगर मायोपिया या हाइपरोपिया है तो क्लियर कॉन्टैक्ट लेंस यूज करें। अगर एस्टिगमैटिज्म की समस्या है तो टॉरिक लेंस इस्तेमाल करें।
समझें कि आप लेंस को कैसे इस्तेमाल करना चाहते हैं। अगर हर रोज लेंस की साफ-सफाई का झंझट नहीं चाहते तो डेली डिस्पोजेबल लेंस यूज करें। अगर आपको हर रोज लेंस पहनने हैं तो मंथली लेंस एक ऑप्शन है। इनके अलावा एक साल और 6 महीने तक चलने वाले लेंस भी मार्केट में अवेलेबल हैं।
अगर विजन करेक्शन के लिए लेंस पहन रहे हैं तो हाइड्रोजेल या सिलिकॉन हाइड्रोजेल से बने लेंस लें। वहीं अगर कलर के लिए लेंस ले रहे हैं तो पॉलिमैकॉन मैटिरियल से बना लेंस लें।
- ऐसा लेंस ले जो यूवी प्रोटेक्शन वाला हो।
- ज्यादा वाटर कंटेंट वाला लेंस आंखों को ड्राइ होने से बचाता है।
- सवाल: क्या दो कॉन्टैक्ट लेंस एकसाथ लगा सकते हैं?
जवाब: नहीं, ऐसा बिल्कुल न करें। कॉन्टैक्ट लेंस एक के ऊपर एक लगाने के लिए नहीं बने हैं। ऐसा करने पर आपकी आंख तक ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती जिससे हाइपोक्सिया होता है। इस कंडीशन में बैक्टीरिया आसानी से पैदा हो जाते हैं और इन्फेक्शन होता है।
सवाल: चश्मे के मुकाबले कॉन्टैक्ट लेंस पहनने में क्या-क्या परेशानियां सामने आती हैं?
जवाब: चश्मे के मुकाबले कॉन्टैक्ट लेंस पहनने वालों को इन समस्याओं से दो-चार होना पड़ता है…
- चश्मा आप जितनी देर चाहे पहन सकते हैं मगर कॉन्टैक्ट लेंस को ज्यादा लंबे समय तक नहीं पहना जा सकता।
- अगर कॉन्टैक्ट लेंस ज्यादा लंबे समय के लिए पहन लिया जाए तो इससे आंखों में चुभन हो सकती है।
- लेंस लगाने से ड्राई आई की समस्या भी हो सकती है।
- कॉन्टैक्ट लेंस को हैंडल करना थोड़ा मुश्किल है। इसका बहुत ध्यान से इस्तेमाल करना पड़ता है।
- अगर लेंस इस्तेमाल करते हुए हाइजीन का ख्याल न रखा जाए तो कई तरह के इन्फेक्शन हो सकते हैं।
- आई मेकअप के साथ अगर लेंस लगाते हैं तो इससे कई समस्याएं हो सकती हैं क्योंकि कॉन्टैक्ट लेंस के अंदर मेकअप पार्टिकल्स फंस जाते हैं।
- कॉन्टैक्ट लेंस के साथ ड्राइव करना, शॉवर लेना, मुंह धोना जैसे बेसिक काम बहुत ध्यान से करने पड़ते हैं।
- कॉन्टैक्ट लेंस पहनने पर अगर ये लक्षण आ रहे हैं तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें…
- आंखों में खुजली
- आंखों का लाल होना
- आंख में और आंख के आसपास तेज दर्द
- रोशनी से परेशानी
- धुंधलापन
- आंखों से बहुत अधिक पानी आना
सवाल: कॉन्टैक्ट लेंस पहनने की क्या कोई एज लिमिट भी है?
जवाब: नहीं, कॉन्टैक्ट लेंस पहनने की कोई एज लिमिट नहीं है।
आजकल ब्राइडल मेकअप करवाने जाओ तो पार्लर वाली कॉन्टैक्ट लेंस पहनाती है। क्या यह सेफ है?
ब्राइडल मेकअप हैवी होता है। इसमें आंखों पर भी काफी मेकअप किया जाता है। ऐसे में अगर आप लेंस पहनते हैं तो मेकअप प्रोडक्ट आंख में जाकर लेंस में फंसने का चांस बढ़ जाता है।
यह रिस्की सिचुएशन है जिससे आंख में इन्फेक्शन हो सकता है। ऐसे में डेली डिसपोजेबल लेंस बेस्ट ऑप्शन है। अगर फिर भी आप अपनी शादी के दिन कॉन्टैक्ट लेंस पहनना चाहती हैं तो इन टिप्स को फॉलो करें…
- अगर आपने कभी लेंस नहीं पहने हैं तो शादी से पहले ट्रायल के लिए 2-3 बार लेंस पहनकर देखें।
- प्रैक्टिस करें और खुद ही अपने लेंस पहनें। मेकअप आर्टिस्ट को लेंस न पहनाने दें।
- शादी वाले दिन नए लेंस पहनें।
- लेंस का एक एक्स्ट्रा पेयर साथ रखें।
- कॉन्टैक्स लेंस सॉल्यूशन साथ रखें।
- मेकअप शुरू होने के पहले ही लेंस लगा लें।
- अपनी मेकअप आर्टिस्ट को पहले ही बता दें कि आप कॉन्टैक्ट लेंस पहनने वाली हैं ताकि वो लेंस के लिए सेफ प्रोडक्ट्स यूज करे।
- अपना चश्मा भी साथ रखें।

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