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नगर पंचायत लैलूंगा में 67 लाख 71 हजार रुपए से 97 लाइट्स लगानी थी लेकिन लगाए गए 78 लाइट्स; रिलाएबल ट्रेडिंग कंपनी से मिलकर कर रहे गड़बड़ी

लैलूंगा/रायगढ़/ नगर पंचायत लैलूंगा में जनप्रतिनिधियों की अनदेखी या मौन स्वीकृति के कारण अफसरों ने वार्डों में ट्यूबलर लाइट लगाने के नाम पर जमकर धांधली की है। 67 लाख 71 हजार रुपए से 97 लाइट्स लगानी थी। वहीं 78 लाइट्स लगाकर पूरी राशि निकाल ली। इस मामले में न सिर्फ खंभे कम लगाए गए हैं, बल्कि बाजार दर के मुकाबले तीन से चार गुना दरों पर लाइट्स खरीदी गई हैं। तत्कालीन प्रभारी मुख्य नगरपालिका अधिकारी सीपी श्रीवास्तव और उपयंत्री अमित एक्का ने ट्यूबलर पोल लाइट के ठेकेदार रिलाएबल ट्रेडिंग कंपनी बिलासपुर से मिलीभगत कर शासकीय राशि के गबन करने की साजिश रची है।

नपं के कांग्रेस पार्षद ने पिछले दिनों वार्डों में लगे ट्यूबलर लाइट घोटाले की शिकायत कर जांच और कार्रवाई की मांग की थी। अधोसंरचना मद से विभिन्न वार्डों में ट्यूबलर पोल फिटिंग कार्य के लिए अनुमानित लागत 64.71 लाख की निविदा जारी हुई। तीन फर्म ओम इंटरप्राइजेज बलौदा, शिवम इंटरप्राइजेज जांजगीर और रिलाएबल ट्रेडिंग कंपनी बिलासपुर ने निविदा डाली । रिलाएबल ट्रेडिंग को 5 फीसदी अधिक दर पर सात कार्यों की स्वीकृति देकर कर कार्य 97 ट्यूबलर पोल के लिए भुगतान भी कर दिया गया।

नगर पंचायत अध्यक्ष के वार्ड में ही नहीं लगे खंभे

शिकायत के बाद ट्यूबलर पोल का सत्यापन वार्ड पार्षदों ने किया। वार्ड क्रमांक 3 व 4 को छोड़ बाकी सभी दो-दो वार्ड में 15-15 पोल लगने थे। वार्ड 15 में 7 पोल लगाने थे। वार्ड क्रमांक 1 और 2 में लगने वाले 15 पोल की जगह 13 ट्यूबलर पोल लाइट लगाई गई। वार्ड 5 और 6 में 6 पोल, वार्ड क्रमांक 7 व 8 में 6 पोल, वार्ड 9 व 10 में 12 पोल वार्ड क्रमांक 11 व 12 में 14 पोल लगाए हैं। वार्ड 13 व 14 में सिर्फ 5 पोल व वार्ड 15 में 7 पोल की जगह 6 पोल ही लगे। वार्ड 14 से पार्षद व नपं अध्यक्ष मंजू मित्तल के वार्ड में एक मात्र पोल है। 13 व 14 में 15 ट्यूबलर पोल लगने थे और माप पुस्तिका में भी 15 पोल का मूल्यांकन किया गया है।

असल कीमत के मुकाबले 3 से 4 गुना तक भुगतान

फाउंडेशन, केबल वायर, एमसी व्ही स्विच, कनेक्शन वायर के भी फर्जी बिल लगाए गए। फाउंडेशन में 1.3.6 में 40 एमएम गिट्टी से ढलाई कर लोहे की प्लेट लगानी थी, पर फाउंडेशन की ढलाई नहीं की गई। किसी भी पोल में लोहे की प्लेट नहीं लगाई है। 9 मीटर के खंभा 4 हजार तक उपलब्ध है, जबकि नपं के अफसरों ने इसकी खरीदी 12 हजार 638 रुपए में की है। केबल वायर 4 कोर 25 एमएम का वायर बता 326 प्रति मीटर की दर से भुगतान किया, जबकि इस्तेमाल 2 कोर 6 एमएम के केबल का किया है। बाजार में इसका भाव 20 रुपए मीटर है। जिस एमसीबी स्विच के लिए ठेकेदार को 696 रुपए प्रति स्विच का भुगतान किया, वह 130 रुपए का है।

पार्षद की शिकायत पर खुली पोल

कांग्रेस पार्टी से वार्ड क्रमांक 13 के पार्षद आदित्य बाजपेयी ने मुख्य नगरपालिका अधिकारी को पत्र लिखकर 13 और 14 वार्ड में लगे ट्यूबलर पोल के भौतिक सत्यापन की मांग की। साथ ही माप पुस्तिका व बिल भुगतान के अनुसार भौतिक सत्यापन में पोल नहीं पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार, उपयंत्री व भुगतान अधिकारी सीएमओ पर शासकीय राशि के गबन की साजिश का केस दर्ज कराने की मांग की है। नगर पंचायत पर ऐसे कई आरोप पहले भी लगे हैं।

मुझे पता नहीं, कागज दिखवाऊंगी

"काम तो मेरे कार्यकाल का ही है, लेकिन ये सारे काम श्रीवास्तव (पूर्व सीएमओ) सर ही देखते थे। मेरे वार्ड में 15 के बदले एक खंभा लगने का पता नहीं है। कितने का भुगतान हुआ, कितने पोल लगे हैं या नहीं लगे हैं, मैं सारे दस्तावेज की जांच कराने के बाद ही आपको बता पाऊंगी। "

-मंजू प्रदीप मित्तल, नगर पंचायत अध्यक्ष, लैलूंगा

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