मशीन से खुदवाई वन्य प्राणियों के तालाब और परिजन को श्रमिक बता रेंजर-गार्ड ने किया 12.18 लाख का गड़बड़ घोटाला
कोरबा/
वन मंडल कटघोरा के जंगल में वन्य प्राणियों के लिए तालाब निर्माण में भारी गड़बड़ी की गई है। जटगा रेंज के कुटेश्वरनगोई में तालाब का निर्माण जेसीबी से कराने के बाद प्रभारी रेंजर ने अपने ही बीट गार्ड प्रद्युम्न सिंह तंवर के रिश्तेदारों के बैंक खाते में 12 लाख 18 हजार रुपए जमाकर खा गए। यही नहीं 1.40 लाख को नगद भुगतान करना बताया। जांच में दोनों दोषी पाए गए है। जांच कमेटी ने आर्थिक अनियमितता के इस गंभीर मामले में कार्रवाई की अनुशंसा की है।
जटगा रेंज के कुटेश्वरनगोई में कैंपा मद से वर्ष 2018-19 में तालाब निर्माण के लिए 23 लाख 21 हजार रुपए की मंजूरी मिली थी। तालाब का निर्माण बैक हो लोडर से कराने के बाद कुछ मजदूरों से पिचिंग का कार्य भी कराया गया, लेकिन एक भी मजदूर को मजदूरी का भुगतान नहीं किया। जब मामले में जानकारी ली तो पता चला कि मजदूरी का भुगतान कर दिया है। वे सभी मजदूर करतला ब्लॉक के सरगबुंदिया के निकले, जो बीट गार्ड प्रद्युमन सिंह तंवर के परिजन थे।
प्रभारी रेंजर सत्तू जायसवाल ने उनके खाते में राशि जमा करा दी और दोनों मिलकर सरकारी राशि में गबन कर दिया। मामले की शिकायत मिलने पर मुख्य वन संरक्षक बिलासपुर ने जांच के आदेश दिए थे। जांच टीम में पाली एसडीओ चंद्रकांत टिकरिया, रेंजर केएन जोगी, केंदई रेंजर अभिषेक दुबे, एतमानगर रेंजर मनीष सिंह और सहायक ग्रेड 2 राजेंद्र कुमार को शामिल किया था। जांच में प्रभारी रेंजर सत्तू जायसवाल व बीट गार्ड तूमान प्रदुमन सिंह तंवर दोषी पाया गया है। दोनों ने आर्थिक अनियमितता की है। नगदी भुगतान करने पर भी प्रभारी रेंजर जायसवाल को दोषी बताया गया है।
इन रिश्तेदारों के खाता में जमा की राशि
संतोषी 40000 रुपए
जयंती 72142 रुपए
प्रवीण तंवर 99122 रुपए
मनीषा 35215 रुपए
राजकुमार 49000 रुपए
लक्ष्मी 67018 रुपए
अरुण 49000 रुपए
अश्वनी 49500 रुपए
रणजीत 96138 रुपए
रविंद्र 99578 रुपए
सरगबुंदिया से तालाब निर्माण स्थल की दूरी 60 किमी
जटगा रेंज में जहां तालाब का निर्माण कराया है। वहां से सरगबुंदिया की दूरी 60 किलोमीटर से अधिक है। इसके बाद भी प्रभारी रेंजर और बीट गार्ड ने मजदूरी की राशि को खाने के लिए परिजनों को ही मजदूर बता दिया, लेकिन जांच में गड़बड़ी सामने आ गई। मामले में जांच की जा रही है।
बीट गार्ड ने भाइयों के खाते में डाले 3 लाख 44 हजार
बीट गार्ड प्रद्युमन सिंह तंवर की भाभी सरपंच भी है। उसने अपने बड़े भाई अश्वनी तंवर के खाते में 49500 रुपए, रविंद्र के नाम पर 99578 रुपए, प्रवीण के नाम पर 99222 रुपए और रंजीत के नाम पर 96138 रुपए की राशि उनके खाते में जमा कराया है।
जटगा रेंज में बैक हो लोडर से खुदाई कर बनाया तालाब
बचाने का प्रयास: जायसवाल पेंड्रा रेंजर तो तंवर को भेजा कटघोरा तालाब निर्माण में घोटाले की जांच धीमी गति से की गई। जब सीसीएफ और डीएफओ बदले तो जांच में गति आई। प्रभारी रेंजर्स सत्तू जायसवाल अभी पेंड्रा में रेंजर है। यही नहीं बीट गार्ड प्रदुमन सिंह तंवर को जटगा रेंज से कटघोरा रेंज भेज दिया है, लेकिन कार्रवाई नहीं की गई है।
सीधी बात - राजेश चंदेले, मुख्य वन संरक्षक बिलासपुर
जांच रिपोर्ट मिलते ही दोनों के खिलाफ होगी कार्रवाई
तालाब निर्माण के मजदूरी भुगतान में घोटाला होने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
- मामले में डीएफओ कटघोरा को जांच कराने कहा गया था। जांच रिपोर्ट मिलते ही दोनों पर कार्रवाई होगी।
टीम ने अपनी जांच रिपोर्ट तो पहले ही सौंप दी है। जांच सही पाई गई है। - जांच रिपोर्ट तुरंत ही मंगाता हूं। दोषी होने पर किसी को भी नहीं छोड़ेंगे ।
मामला काफी पुराना है। इसके बाद भी जांच में इतना समय कैसे लग गया। - मेरे संज्ञान में आते ही जांच कराने के लिए कहा था। जांच के बाद कार्रवाई भी होगी।

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