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मां भगवती कंस्ट्रक्शन कंपनी ने जबलपुर में स्कूल बनाने का फर्जी दस्तावेज लगाकर बिलासपुर में 116 करोड़ की बिल्डिंग का ठेका लिया

बिलासपुर/ मां भगवती कंस्ट्रक्शन नामक कंपनी ने फर्जी दस्तावेज के जरिए बैमा में 116 करोड़ की लागत से केंद्रीय जेल बिल्डिंग निर्माण, पानी सप्लाई, सेनेटरी फिटिंग का ठेका ले लिया। कंपनी ने यह टेंडर लेने के लिए जबलपुर के मंगेली में जिस स्कूल को बनाने का दस्तावेज दिया है, दरअसल उसे मेसर्स सीएमएम इंफ्रा प्रोजेक्ट लिमिटेड इंदौर ने बनाया है। लोनिवि के अफसरों ने बगैर छानबीन किए ही सेंट्रल जेल की बिल्डिंग बनाने मां भगवती कंस्ट्रक्शन को ठेका दे दिया। अब शिकायत पहुंचने पर आला अफसर मान रहे हैं यह गलत है, जांच करवाई जाएगी।

मेसर्स सीएमएम इंफ्रा प्रोजेक्ट लिमिटेड इंदौर ने जबलपुर के मंगेली में श्रमोदय आवासीय विद्यालय का निर्माण किया है। इसके लिए 47.43 करोड़ रुपए में एग्रीमेंट हुआ था, लेकिन लागत राशि 41.18 करोड़ है। 10 मार्च को 2016 को एग्रीमेंट किया गया और 5 साल में यानी 25 मई 2021 को काम पूरा हुआ। छत्तीसगढ़ की मां भगवती कंस्ट्रक्शन ने इस काम को अपना बताकर और फर्जी दस्तावेज तैयार कर बैमा में 116 करोड़ की लागत से सेंट्रल जेल बिल्डिंग का काम ले लिया।

इसी अनुभव के आधार पर लोक निर्माण विभाग ने 1500 बंदी क्षमता वाले जेल भवन का निर्माण, वाटर सप्लाई, सेनेटरी फिटिंग, विद्युतीकरण, बाउंड्रीवाल और पहुंच मार्ग बनाने के लिए इस कंपनी को 2 फरवरी 2023 को वर्कऑर्डर जारी कर दिया। इसे बनाने के लिए 37 माह की अवधि तय की गई है। 3 मार्च 206 तक निर्माण पूरा किया जाना है।

दोनों के दस्तावेज में डिवीजनल प्रोजेक्ट इंजीनियर के हस्ताक्षर अलग-अलग

डिविजनल प्रोजेक्ट इंजीनियर पीडब्लयूडी पीआईयू जबलपुर के हस्ताक्षर से मेसर्स सीएमएम इंफ्रा प्रोजेक्ट लिमिटेड इंदौर और मां भगवती कंस्ट्रक्शन को जारी दस्तावेज में हस्ताक्षर अलग-अलग हैं, जो संभव नहीं है। मां भगवती कंस्ट्रक्शन ने श्रमोदय आवासीय विद्यालय के नाम से जो फर्जी दस्तावेज तैयार किया है, उसमें वेल्यू आफ कांट्रेक्ट 53.19 करोड़ रुपए, कांट्रेक्ट नंबर 17/ डीएल/2015-16, वर्क आर्डर की तारीख 10 मार्च 2016, कंप्लीशन डेट 9 मार्च 2019, एक्चुअल कंप्लीट डेट 28 मई 2021 और वेल्यू ऑफ वर्क डन 54 करोड़ 26 लाख 16 हजार बताया गया है, जबकि सीएमएम इंफ्राप्रोजेक्ट इंदौर के दस्तावेज में एग्रीमेंट नंबर और तारीख 17/ डीएल/2015-16, 10 मार्च 2016, एमाउंट एग्रीमेंट 47 करोड़ 43 लाख है। बिलो एसआर 10.01% है। एक्चुअल लागत 41.18 करोड़ रुपए है।

सवाल- आखिर पीडब्ल्यूडी ने बगैर जांच-पड़ताल कैसे जारी किया वर्क आर्डर इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर पीडब्ल्यूडी के तमाम अफसरों ने दस्तावेजों की जांच किए बगैर ही मां भगवती कंस्ट्रक्शन को वर्कऑर्डर कैसे जारी कर दिया। अफसरों को इसमें कोई खामी भी नजर नहीं आई। जाहिर है, इसमें अफसरों की मिलीभगत से भी इंकार नहीं किया जा सकता।


श्रमोदय विद्यालय आवासीय सीएमएम इंफ्राप्रोजेक्ट ने बनाया, साथ ही ये दस्तावेज भी जारी किए

डिविजनल प्रोजेक्ट इंजीनियर पीडब्ल्यूडी पीआईयू जबलपुर ने श्रमोदय आवासीय विद्यालय बनाने पर सीएमएम इंफ्राप्रोजेक्ट इंदौर को वर्क आर्डर, कंप्लीशन सर्टिफिकेट, लेटर ऑफ एसेप्टेंस (एलओए) समेत अन्य दस्तावेज जारी किया है। लैटर आफ एसेप्टेंस में परफार्मेंस सिक्यूरिटी, परफार्मेंस गारंटी के लिए 2.13 करोड़ रुपए जमा करने के अलावा निर्माण को लेकर पूरी दस्तावेज है। सीएमएम इंफ्राप्रोजेक्ट इंदौर ने 10.01% बिलो रेट पर यह काम लिया था, इसकी भी प्रमाणित कॉपी है।

गंभीर मामला, शिकायत मिली है, जांच कराएंगे "बिलासपुर के बैमा में सेंट्रल जेल बनाने मां भगवती कंस्ट्रक्शन द्वारा फर्जी दस्तावेज दिए जाने के संबंध में शिकायत मिली है। यह मामला गंभीर है। जांच के बाद कंस्ट्रक्शन कंपनी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।" - कमलेश पिपरी, ईएनसी पीडब्ल्यूडी

मामले की जांच कराएंगे

"मां भगवती कंस्ट्रक्शन कंपनी को एफिडेविट के आधार पर केंद्रीय जेल बनाने का ठेका दिया गया है। अगर कंपनी ने फर्जी दस्तावेज दिए हैं तो जांच की जाएगी और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।" - वीएस कोर्राम, चीफ इंजीनियर पीडब्ल्यूडी

फर्जी दस्तावेज की जानकारी नहीं

"ठेका लेने वाली कंपनी द्वारा फर्जी दस्तावेज दिए जाने संबंध में किसी प्रकार की कोई जानकारी नहीं है। इस संबंध में ठेकेदार कंपनी से ही सही जानकारी मिल सकेगी।"- उमेश नायक, एसडीओ, डिवीजन-2, पीडब्ल्यूडी

दस्तावेज सही हैं, परीक्षण के बाद ही टेंडर जारी किया "हमने विभाग में जो दस्तावेज जमा किए हैं, वे सही हैं। इनके परीक्षण के बाद ही टेंडर जारी किया गया है।" - पारुल राय, मां भगवती कंस्ट्रक्शन

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