शिक्षकों की लापरवाही के चलते बच्चों का भविष्य चौपट; शिक्षक स्कूल में नहीं मिले, जबकि बच्चे परीक्षा दिला रहे थे
रायपुर/ शासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को शिक्षा दिलाने की तमाम कोशिशों के बावजूद स्कूलों में शिक्षकों की लापरवाहीपूर्ण रवैया नजर आ रहा है। शासकीय शिक्षकों की लापरवाही के चलते बच्चों का भविष्य चौपट हो रहा है।
ऐसे ही हालात ग्राम पंचायत लोहारी के आश्रित ग्राम कोदोपाली के पूर्व माध्यमिक शाला में देखने को मिला। यहां विगत दिनों एक भी शिक्षक स्कूल में नहीं मिले, जबकि बच्चे परीक्षा दिला रहे थे। वहां के बच्चे होशियार हैं और पढ़ाई के प्रति काफी जागरूक दिखे। पूछने पर बच्चों ने बताया कि शिक्षक गरियाबंद गए हैं। स्कूल में अध्यनरत बच्चों की संख्या 26 हैं, जहां दो शिक्षक पदस्थ हैं। जिसमें एक प्रधानपाठक है तो दूसरा संकुल समन्वयक है।
वर्षों से विद्यालय में कोई सुधार नहीं
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कई वर्षों से विद्यालय में कोई सुधार नहीं हुआ। लगातार शिकायत के बाद शिक्षा विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती। केवल नोटिस के नाम पर खानापूर्ति कर ली जाती है। गरियाबंद जिले के आदिवासी ग्रामीण अंचलों में शिक्षा का स्तर बद से बदतर होते जा रहा है। जहां लापरवाह शिक्षक न तो समय पर स्कूल पहुंचते हैं और न ही ठीक से बच्चों को पढ़ाते हैं। अंचल के ज्यादातर स्कूलों में कोई ना कोई शिक्षक नदारद रहते हैं। बावजूद इसके शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारी लापरवाह शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। शिक्षकों की लापरवाही से बच्चों का भविष्य चौपट हो रहा है।
खेलगड़िया सामान लेने के लिए गरियाबंद गए थे। एक ही परिसर में प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय है तो प्राथमिक स्कूल के मैडम को देखने के लिए कहा था। जब कुछ काम पड़ जाता है तो मिडिल वाले प्रायमरी स्कूल और प्रायमरी वाले मिडिल स्कूल को देखते हैं। एक्जाम टाइम में परीक्षा प्रभावित नहीं होना चाहिए। परीक्षा समय में सामान ला सकते हैं, ऐसा आदेश है।
मनमोहन सिंह खापर्डे, हेडमास्टर पूर्व माध्यमिक शाला कोदोपाली

टिप्पणियाँ