विधानसभा शीतकालीन सत्र में अफसरों ने भेजी झूठी जानकारी - विधानसभा में पीएचई मंत्री ने बताया-सिंगल टेंडर की वजह से रद्द किए, डाले गए थे दो-दो टेंडर
बिलासपुर/ पीएचई के अफसरों ने विधानसभा शीतकालीन सत्र में गलत जानकारी भेजी, जिसके आधार पर मंत्री ने जानकारी दी। विधानसभा में पीएचई मंत्री ने सिंगल टेंडर होने की वजह से निरस्त करने की जानकारी दी, जबकि दस्तावेजों में साफ है कि जिन 15 टेंडरों को निरस्त किया गया, उसमें दो-दो लोगों ने टेंडर डाला था। अफसरों ने विभागीय मंत्री को अंधेरे में रखकर जानबूझकर गलत जानकारी भेजी।
विधानसभा शीतकालीन सत्र के दौरान 2 जनवरी 2023 को पीएचई मंत्री गुरू रूद्र कुमार ने विपक्ष के नेताओं के सवालों का जवाब देते हुए कहा था कि जिन टेंडरों को निरस्त किया वे सिंगल टेंडर थे, जबकि उनमें सिंगल नहीं बल्कि दो- दो लोगों ने टेंडर डाले थे।
इसके अलावा जब उनसे पूछा गया कि संशोधित टेंडर के लिए कितनी समय सीमा रखी गई थी? इसके जवाब में बताया कि सभी टेंडर नियमानुसार खोले गए, जबकि कई टेंडर सिर्फ 6 घंटे के लिए खोले गए। उन टेंडरों के रेट भी खुल चुके थे। इस मामले में एनएसयूआई ने पीएचई के अफसरों के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज करवाई है।
जानिए, सवालों पर क्या था जवाब और क्या है हकीकत
सवाल- जिले में जल जीवन मिशन में कितने टेंडर निकले और संशोधित किए गए?
जवाब- 201 टेंडर निकाले गए, 80 टेंडर-रिटेंडर व 15 टेंडरों के समय सीमा में संशोधन किया गया।
सच्चाई- विस के लिए जानकारी भेजने की अंतिम तारीख 26 दिसंबर थी और 30 दिसंबर को 15 टेंडरों को निरस्त किया गया।
सवाल- संशोधित टेंडर के लिए कितनी समय-सीमा तय की गई थी? रिटेंडर के लिए क्या समय सीमा निर्धारित की गई?
जवाब- जानकारी पुस्तकालय में रखे प्रपत्र के अनुसार है।
सच्चाई-17 अक्टूबर को लगा टेंडर, सुबह 11.37 बजे केवल तीन और इसके बाद 11.54 को अचानक 6 टेंडर ऑनलाइन हुए।
सवाल- विभाग द्वारा नियमविरुद्ध टेंडर किए गए तो क्या कार्रवाई हुई?
जवाब- नियम विरुद्ध टेंडर नहीं किए गए।
सच्चाई- नियम विरुद्ध टेंडर के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।
सवाल- प्रशासन को कितनी शिकायत मिली और क्या कार्रवाई हुई?
जवाब- तीन शिकायतें मिली, जिनका निराकरण किया गया।
सच्चाई- लेनदेन और कमीशन की बात करने वाला बाबू जमा हुआ है।
इस बारे में एमडी ही जानकारी देंगे
इस मामले में मैं कुछ नहीं बता सकता। कृपया इस संबंध में एमडी सर से जानकारी ले सकते हैं।
-टीजी कोसरिया, ईएनसी पीएचई, बिलासपुर
सीधी बात
हेमराज मार्शकोले, चीफ इंजीनियर
ईई ने, किसी ने इरादतन ऐसा किया होगा
विधानसभा में भेजी गई जानकारी कितनी सही है?
- जानकारी भेजने में शायद मिस अंडरस्टैडिंग हुई है।
सबसे बड़ी संवैधानिक संस्था विधानसभा में गलत जानकारी, आखिर कैसे?
- कभी-कभी अज्ञानतावश या गलती से ऐसा हो जाता है।
गलत जानकारी के पूरे मामले में आपको क्या लगता है?
- जो चर्चा मैंने ईई से की। मुझे लगता है किसी ने इरादतन यह सब काम किया। काम देखने वाले कर्मचारी भी ऐसा कर सकते हैं।

टिप्पणियाँ