रायगढ़ के कटंगपाली क्षेत्र में दर्जन भर से अधिक अवैध खदान संचालित; खनिज विभाग ने दे रखी है खुली छुट, कार्रवाई करने से चूक रही है
रायगढ़/ खनिज के तस्करों को खनिज विभाग ने शासन को हर माह लाखों रुपए का चपत लगाने के लिए खुली छूट दे रखी है, शायद यही कारण है कि पिछले लंबे समय से कटंगपाली क्षेत्र में दर्जन भर से अधिक अवैध खदान संचालित होने के बाद भी कार्रवाई करने से चूक रही है।
कटंगपाली क्षेत्र में देखा जाए तो वैध खदानों से कई गुना अधिक मात्रा में अवैध खदानों से खनिज का उत्खनन व परिवहन हो रहा है। अवैध खनिज में रॉयल्टी जमा नहीं करना पड़ता है जिसके कारण इसका भरपुर दोहन किया जा रहा है। क्षेत्र में संचालित अवैध खदानों के गहराई को देखकर ही इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि शासन को कितने का चपत लगाया गया है, लेकिन मौके पर जाकर जांच कर आंकलन करने के बजाए खनिज विभाग अमले की कमी का रोना रोते हुए पिछले माह भर से अधिक समय हो गया शांत बैठी हुई है। इससे यह तो साफ होता है कि इस क्षेत्र के खनिज तस्करों को विभाग की ओर से खुली छूट मिल रखी है जिसके कारण तस्कर बेखौफ होकर तस्करी को अंजाम दे रहे हैं और विभाग के आला अधिकारी मौन है।
सुस्त हो गया है खनिज विभाग
जिले में रेत का अवैध उत्खनन व परिवहन भी धड़ल्ले से हो रहा है, शहर के बीच में कई जगहों पर रेत का अवैध भंडारण कियाग या है। इसके अलावा कोल डिपो में कोयले के मिलावट का खेल भी जारी है, लेकिन गौर करने वाली बात तो यह है कि खनिज विभाग के पूरे अमले में जब से फेरबदल हुआ है न तो कोई जांच हो रही है न ही कोई कार्रवाई।
निजी भूमि में बना है अवैध खदान
डोलोमाईट के अवैध उत्खनन के मामले में देखा जाए तो सरकारी जमीन में अवैध उत्खनन के साथ निजी जमीन में भी उत्खनन का काम बिना लीज के किया जा रहा है। इसके बाद भी संंबंधितों पर खनिज विभाग के अधिकारी कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं।
अवैध उत्खनन पर लगातार मॉनिटरींग की जा रही है। कटंगपाली क्षेत्र में अमले की कमी के कारण कार्रवाई नहीं हो पा रही है। इसके अलावा रेत व कोयले में नजर रखी जा रही है।
योगेंद्र सिंह, जिला खनिज अधिकारी

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