बिलासा गर्ल्स कॉलेज में छात्राओं से एक सत्र में 91 लाख 45 हजार 236 रुपए फीस के रूप में वसूले जीडीसी ने उसका हिसाब नहीं, लगाया जा रहा है घोटाले के आरोप
बिलासपुर/ बिलासा गर्ल्स कॉलेज में 23 कोर्स सेल्फ फाइनेंस में खोले गए हैं। सत्र 2020-21 में 1398 छात्राओं ने प्रवेश लिया। इन छात्राओं से कॉलेज ने एक सत्र में 91 लाख 45 हजार 236 रुपए फीस के रूप में लिए। इन पैसों को कॉलेजों को छात्राओं की सुविधा और इन्हें पढ़ाने के लिए नियुक्त किए गए शिक्षकों के वेतन पर खर्च करना था।
कॉलेजों ने जरूरत से ज्यादा फीस ली पर इसका फायदा भी छात्राओं को नहीं मिला। कॉलेज के अनुसार छात्राओं से फीस में लिए गए 91 लाख 45 हजार 236 खर्च भी हो गए हैं। सूचना अधिकार अधिनियम के तहत मनीष मिश्रा ने जानकारी मांगी तो कॉलेज प्रबंधन सभी पैसाें को खर्च को लेकर जवाब नहीं दे पा रहा है।
जवाब में कॉलेज केवल 18 लाख 84 हजार 438 रुपए के खर्च का हिसाब दे सका। 72 लाख 60 हजार 798 रुपए के खर्च का हिसाब कॉलेज के पास नहीं है। कॉलेज ने केवल ये बताया है कि विभिन्न कार्यों में पैसे खर्च हुए, पर किस कार्य में कितना खर्च हुए इसकी न कॉलेज के पास रसीद है और न ही कोई नोटशीट चली है। इस वजह से 72 लाख 60 हजार 798 रुपए के घोटाले का आरोप लगाया जा रहा है।
कोरोना काल में शैक्षणिक भ्रमण में 30 हजार खर्च
कॉलेज ने 18 लाख 84 हजार 438 रुपए का हिसाब दिया है, जिसमें कोरोना काल में भी कॉलेज छात्राओं को शैक्षणिक भ्रमण पर ले जाने पर 30 हजार, कॉलेज के विभागों में फ्लैक्स और बैनर में 22 हजार, एमलिब, माइक्रोबायोलॉजी, साइंस की 1 लाख 8 हजार 555 रुपए की किताबों की खरीदी, कंप्यूटर सुधार 3500, पुस्तक बाइंडिंग 2100, एन लिस्ट सदस्यता में 5900 रुपए खर्च होने की जानकारी दी गई है। कंप्यूटर विभाग में फ्लैक्स के लिए 3500 रुपए खर्च हुए हैं। भूगोल विभाग में 6 हजार का वेब कैमरा लगा है।
सभी प्रक्रिया ऑनलाइन शिकायत की जांच होगी
बिलासा गर्ल्स कॉलेज के प्राचार्य और अपर संचालक डॉ. एसआर कमलेश ने कहा कि जो भी स्ववित्तीय योजना के तहत फीस ली जा रही है। उससे ही शिक्षकों को वेतन दिया जाता है। सभी प्रक्रिया ऑनलाइन है। कोई गड़बड़ी नहीं हो सकती है। फिर भी शिकायत आई है तो जांच होगी।
इन खर्च के पैसे का हिसाब नहीं
कॉलेज का कहना है कि सीसीटीवी, प्रिंटर का कॉटेज, बाथरूम व गार्डन का नल सुधार, एआईएसएचई पोर्टल का कार्य, संगीत विभाग का वाद्ययंत्र, रीडिंग रूम का दरवाजा, नैक थर्ड साइकिल ग्रेड अपील, पीजी का पुस्तक क्रय, अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति, टेबल पर ग्रेनाइट लगवाने, कंप्यूटर लैब का उद्घाटन व ब्लैक ग्रेनाइट लगवाने, ऑडिटोरियम में एलईडी, गणित विभाग में एक्जास्ट फैन, वाटर कूलर के नीच टाइल्स लगवाने, बिजली उपकरण सुधार, इंटरनेट की सुविधा पर पैसे खर्च हुए हैं। लेकिन इनमें कितने पैसे खर्च हुए हैं, इसका कॉलेज में कोई हिसाब नहीं है। इसकी रसीद भी कॉलेज के पास नहीं है। नोटशीट का भी पता नहीं है।

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