भर्ती नियमों को दरकिनार कर बिना विज्ञापन निकाले जैजैपुर विस क्षेत्र में पांच समितियों में दैनिक वेतनभोगी के नाम पर हुई थी 8 कर्मचारियों की भर्ती
जांजगीर-चापा/ जैजैपुर विस क्षेत्र के खजुरानी, कुटराबोड़, दतौद, हरदीडीह, नंदेली सेवा सहकारी समिति में सेवा सहकारी अधिनियम भर्ती नियमों को दरकिनार कर बिना विज्ञापन निकाले कर्मचारियों की भर्ती का मामला सामने आया था। जैजैपुर विधायक केशव प्रसाद चंद्रा ने इसकी शिकायत उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं जांजगीर से की गई थी।
मामले में जांच बिठाई गई। जांच अधिकारी उप पंजीयक कार्यालय जांजगीर के अंकक्षेण अधिकारी घृतलहरे के द्वारा जांच की गई। जिस पर खजुरानी, कुटराबोड़, दतौद, हरदीडीह में विक्रेता, चौकीदार, बारदाना प्रभारी, लिपिक के पद पर आठ लोगों को भर्ती करना पाया गया। जांच अधिकारी ने प्रतिवेदन उप पंजीयक को सौंपा जिस पर इन कर्मचारी की भर्ती करने वाले सहकारिता विस्तार अधिकारी जैजैपुर सुशील सूर्यवंशी और प्राधिकृत अधिकारी भूपेन्द्र कुमार साहू को नोटिस जारी किया गया। जिसमें उनके द्वारा जवाब में दैनिक वेतन भोगी में रुप में जरुरत के आधार पर रहने और कार्य हो जाने के बाद सेवा से निकाल देने का जवाब दिया। जबकि वेतन भोगी कर्मचारी रखने का नियम नहीं है। इसके बावजूद भर्ती करने वाले दोनों अधिकारियों पर किसी तरह विभागीय कार्रवाई नहीं हुई।
इन्हें बताया गया दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी..
खजुरानी में विक्रेता के लिए करम सिंह चंद्रा, कुटराबोड़ में चौकीदार द्वारिका प्रसाद चंद्रा, दतौद में बारदाना प्रभारी रामेश्वर प्रसाद चंद्रा, लिपिक नरेंद्र चंद्रा, हरदीडीह में रामअवतार कुर्रे, बारदाना प्रभारी राकेश कुमार चंद्रा और नंदेली में गिरीश कुमार चंद्रा को लिपिक और भूपेन्द्र कुमार चंद्रा को विक्रेता के रुप में भर्ती की गई थी। इनका बकायदा वेतन भी ब्रांच आफिस से निकलवाया जा रहा था पर इसी बीच मीडिया में बात उजागर हो गई और खबर छपने के १५ दिन बाद सभी को काम से बाहर कर दिया गया।
.....नहीं तो स्थायी बन जाते
सेवा सहकारी समितियों में इसी तरह ही कर्मचारियों की बैकडोर से भर्ती करने का खेल लंबे समय से चलता आ रहा है। इस मामले में भी अगर शिकायत नहीं होती तो ये कर्मचारी वहां जमे ही रहते और धीरे-धीरे कर स्थायी हो जाते।
जैजैपुर विधायक की शिकायत पर जांच कराई गई थी। जांच में पांच समिति में आठ कर्मचारी रखे गए थे। जिस पर प्राधिकृत अधिकारी को नोटिस दिया गया था। जिस जवाब में समिति में काम की आवश्यकता पडऩे पर दैनिक वेतनभोगी के रुप में रखना और काम हो जाने पर सेवा समाप्त करने की बात लिखित में दी है।
उमेश कुमार गुप्ता, उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं जांजगीर

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