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कवर्धा में नियम विरुद्ध जाते हुए पुरानी दर 5.39 लाख रुपए में बगैर वर्क ऑर्डर के आरोपी ठेकेदार मो. सलीम काे काम दे दिया अफसरों ने

कवर्धा/ बिशेसरा स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल शक्कर कारखाने में कन्वेयर बेल्ट में फंसने से ठेका श्रमिक की मौत हुई। चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। वो यह कि आरोपी ठेकेदार मो. सलीम मूलत: देहरादून का रहने वाला है।

भाेरमदेव शक्कर कारखाने में बने स्टाफ क्वार्टर में पिछले 7-8 साल से रह रहा है, जबकि वह कारखाने का रेगुलर स्टाफ भी नहीं है। यही नहीं, आरोपी ठेकेदार ने भोरमदेव कारखाने के पते पर ही जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराया है।



अक्टूबर-नवंबर 2022 में दोनों शक्कर कारखाने में शुगर साइलो बेल्ट के लिए निविदा निकाली गई थी। निविदा में क्रमश: दूसरे स्थान (एल- 2) पर होने के बावजूद उसे ठेका दिया गया। मो. सलीम ने 5.98 लाख रुपए का टेंडर भरा था, जो कि एक अन्य ठेकेदार के भरे गए 5.19 लाख के टेंडर से अधिक है।

अफसरों ने नियम विरुद्ध जाते हुए पुरानी दर 5.39 लाख रुपए में बगैर वर्क ऑर्डर के आरोपी ठेकेदार मो. सलीम काे काम दे दिया। उक्त ठेकेदार को ही नए कारखाने में भी 4.53 लाख रुपए निविदा दर पर शुगर साइलो बेल्ट का ठेका मिला है।

ठेका श्रमिक की मौत के मामले में नए कारखाने के शुगर साइलो बेल्ट के ठेकेदार मो. सलीम कांट्रेक्टर के खिलाफ धारा 304(ए) के तहत पांडातराई थाने में एफआईआर दर्ज कर लिया गया है। कारखाने के सिविल सुपरवाइजर दीपक चंद्रवंशी ने प्रबंध संचालक सतीश कुमार पाटले के पत्र के आधार पर थाने में एफआईआर दर्ज कराया है।

इधर, ठेकेदार सलीम के खिलाफ एफआईआर दर्ज

ठेकेदार सलीम खान द्वारा उपेक्षापूर्ण लापरवाही पूर्वक मजदूरों से काम करवाने से मृत्यु होना बताया है। बहरहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं कलेक्टर के आदेश पर भी इस घटना की प्रशासनिक जांच की जा रही है।

जानकारी के मुताबिक नए शक्कर कारखाने में विभिन्न सेक्टर में काम के लिए लेबर टेंडर हुआ। इसमें बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की आशंका है। घटना की जांच के लिए कलेक्टर ने टीम गठित की है। जांच टीम के सदस्य कारखाने में हुए विभिन्न लेबर टेंडर की बारीकी से पड़ताल करते है, तो कई गड़बड़ियां खुलेंगी। जांच टीम कब और क्या रिपोर्ट देती है यह अहम रहेगा।

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