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सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के सरिया कटंगपाली में एक दर्जन क्रशर और खदानों की जांच- पांच क्रशर सील, 3 को नोटिस

रायगढ़/ सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के सरिया कटंगपाली में शुक्रवार शाम खनिज विभाग ने कार्रवाई की। यहां एक दर्जन क्रशर और खदानों की जांच की गई। डोलोमाइट का भंडारण करने वाले क्रशरों में भंडारण में अनियमितता पाए जाने पर पांच क्रशरों को सील किया गया। वहीं खदान में गड़बड़ी पाए जाने पर तीन खदान संचालकों को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। दिसंबर के आखिर में टिमरलगा में हुए हादसे में चार लोगों की मौत हुई थी। अवैध खनन से बने गड्‌ढे में कार के गिरने से हादसा हुआ, इसलिए विभाग पर अवैध खनन और परिवहन माफिया पर कार्रवाई का दबाव था।

अवैध खनन और परिवहन पर कार्रवाई के लिए कलेक्टर फरिहा आलम सिद्दीकी ने खनिज टीम को सरिया इलाके में भेजा था। खनिज अधिकारी योगेंद्र सिंह ने बताया कि टीम कटंगपाली के रायगढ़ मिनरल्स, शुभ, सालासर, चंद्रहासिनी और ओम मिनरल्स पहुंची। यहां विभाग द्वारा जारी डोलोमाइड भंडारण लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन पाया गया। यहां लीजधारकों ने खदान पर बाउंड्री नहीं की थी। खनन की मात्रा के संबंध में कोई रिकार्ड भी नहीं रखा था। विभाग ने पांच क्रशरों को सील कर दिया। रायगढ़, सदगुरु और आर्यन मिनरल्स में पहुंचे अफसरों को डोलोमाइट खदान में अनियमितता पाई गई। कहीं अनुमति से ज्यादा खनन दिखा, तो कहीं तौलने के लिए धर्मकांटा नहीं लगाया गया था।

दो-चार ट्रैक्टर पकड़ खानापूर्ति, असेसमेंट नहीं करता खनिज विभाग

सारंगढ़ जिले के गठन को पांच महीने ही हुए हैं। पहले टिमरलगा, गुड़ेली, सरिया की अवैध खदानों पर कार्रवाई का जिम्मा खनिज विभाग पर था, लेकिन अवैध खनन नहीं रोका गया। इस इलाके में खनन माफिया राजनीतिक रसूख रखता है। दबाव पड़ने पर विभाग दो-चार ट्रैक्टर, गिट्‌टी के ट्रक जब्त करता है। खदानों का असेसमेंट नहीं होता। खदान की लीड होल्डर को एक तय मात्रा में पत्थर निकालने की अनुमति होती है। नियमानुसार अफसरों को हर चार-छह महीने में खदानों का असेसमेंट करना होता है, जिससे पता चलता है कि पत्थर ज्यादा तो नहीं निकाले गए।

जिन क्रशर संचालकों के पास लीज नहीं है, वे अवैध खनन करने वालों से पत्थर खरीदते हैं। इसके लिए राॅयल्टी पर्ची वैध खदान संचालकों से ली जाती है। कुछ लीज होल्डर हैं, जो राॅयल्टी पर्ची बेचने का ही व्यवसाय करते हैं। वे अपनी खदानों की खुदाई या तो नहीं करते या कम करते हैं। इसकी जांच से अवैध खनन पर रोक लग जाएगी। शुक्रवार को रायगढ़ मिनरल्स में अफसरों को ज्यादा पत्थर दिखा तो जांच करने खदान गए, लेकिन यह कार्रवाई नियमित नहीं होती।

व्यावसायिक तरीके से होता है डोलोमाइट

सरिया इलाके में डोलोमाइट की 12 वैध खदानें हैं। इससे दस गुना से ज्यादा अवैध खदानें हैं। कटंगपाली, नौघट्‌टा, साल्हेओना, छिलपोरा, बोंदा इलाके में भारी मात्रा में अवैध खनन होता है। यहां कांग्रेस भाजपा से जुड़े नेताओं से लेकर गांव के पंच तक अवैध खनन में लगे हैं। अ‌वैध खनन यहां एक छोटी इंडस्ट्री के रूप में चलता है। ओडिशा से अवैध तरीके से विस्फोटक भी लाया जाता है।

पूर्व में सारंगढ़ पुलिस विस्फोटक के अवैध भंडारण पर तीन-चार कार्रवाई भी कर चुकी है। शुरुआत में अवैध खनन टिमरलगा और गुड़ेली में होता था। पिछले 6-7 सालों में टिमरलगा और गुड़ेली में अवैध खदानों में पत्थर खत्म हो गए या खदान बहुत गहरी हो गई। हाइवे के किनारे होने पर अफसरों की नजर के कारण यहां खनन बंद हुआ तो सरिया, बरमकेला इलाके में खनन शुरू हो गया। शुक्रवार को खनिज विभाग की टीम कटंगपाली गई लेकिन लीज होल्डर और भंडारण की अनुमति प्राप्त खदान व क्रशर में अनियमितता पर कार्रवाई की गई। इलाके में अवैध पत्थर व डोलोमाइट खदानों की जांच नहीं की।

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