सरकार के गणित को जल जीवन मिशन के अफसर कर रहे फैल- जीवन मिशन में ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने 16 टेंडर 2 करोड़ से अधिक के लगाए गए जबकि यह टेंडर 1 करोड़ से कम के होने थे
बिलासपुर।
टेंडर डालने की अधिक प्रतिस्पर्धा से बिलो रेट जाने के सरकार के गणित को जल जीवन मिशन के अफसरों ने पूरी तरह फेल कर दिया। बड़े टेंडर लगाकर जहां सरकार को राजस्व का नुकसान पहुंचाया जा रहा है वहीं अपने पसंद के ठेकेदार को टेंडर दिए जाने में पूरी मदद भी दी जा रही है। आंकड़े बताते हैं कि जल जीवन मिशन में 16 टेंडर 2 करोड़ से अधिक के लगाए गए जबकि यह टेंडर 1 करोड़ से कम के होने थे। जल जीवन मिशन में प्रत्येक गांव के आधार पर टेंडर किया जाना था। इसके पीछे सरकार की मंशा यह थी कि कम राशि के टेंडर दिए जाने से छोटे ठेकेदार अधिक संख्या में काम ले सकेंगे वहीं अधिक प्रतिस्पर्धा होने से कम दर पर टेंडर दिया जा सकेगा।
इससे सरकार को राजस्व की बचत होगी। बिलासपुर जिले में पदस्थ अफसरों ने सरकार के इस गणित को पूरी तरह फेल कर दिया। प्रत्येक गांव के आधार पर दिए जाने वाले टेंडर की जगह दो से तीन गांव मिलाकर अधिक राशि के टेंडर लगाए गए, जिससे छोटे ठेकेदार टेंडर डाल नहीं सके और अधिक दर पर टेंडर डालने वाले बड़े ठेकेदार कम संख्या में आए। कम संख्या में ठेकेदारों के आने से टेंडर में प्रतिस्पर्धा या तो रही या कम रही इससे नतीजा यह हुआ कि उन्होंने अधिक दर पर टेंडर डाले जिससे सरकार को राजस्व का घाटा हुआ।
तारीख समाप्त होने के बाद भी अफसर नहीं खोल रहे टेंडर
नवंबर से दिसंबर माह के बीच जल जीवन मिशन के 65 टेंडर डाले गए जिसकी तारीख भी समाप्त हो चुकी है लेकिन अब तक वे टेंडर खोले ही नहीं जा सके हैं। इन टेंडरों के नहीं खोलने की वजह से वह काम शुरू नहीं हो सके जो अब तक शुरू हो जाने थे। काम शुरू नहीं होने से काम पूरे नहीं हुए जिसका फायदा आम लोगों को मिलता।
यह है मामला
जलजीवन मिशन में टेंडर डालने के मापदंडों में अनदेखी, अनियमितता और गड़बड़ी के मामले उजागर होने के बाद पूर्व कार्यपालन अभियंता एसके चंद्रा को निलंबित किया जा चुका है। इसके बाद विभाग के एमडी खुद बिलासपुर आकर निरीक्षण कर चुके हैं। वे विभाग से ले गए दस्तावेजों की जांच भी कर रहे हैं।
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| कुछ टेंडर |
जांच के बाद किसी को बख्शा नहीं जाएगा
विभाग के एमडी आलोक कटियार ने कहा कि अब तक जांच में जो भी तथ्य आए हैं उसकी समीक्षा की जा रही है। टेंडर गड़बड़ी के किसी भी अफसर को बख्शा नहीं जाएगा। समय आने पर होगी कार्रवाई।
मुझे जानकारी नहीं
"बिलासपुर डिवीजन में 64 टेंडर को क्यों रोका गया इसकी मुझे जानकारी नहीं है। फाइल मंगाकर देखना होगा उसके बाद ही बता पाउंगा।"
- हेमराज मार्शकोले, चीफ इंजीनियर
और कई गड़बड़ियों का होगा पर्दाफाश
टेंडर गड़बड़ी जांच में अभी और ऐसे कई तथ्य सामने आए हैं। जिन्हें सार्वजनिक नहीं किए गए है। उन तथ्यों का खुलासा आने वाले समय में करने की बात वरिष्ठ अफसरों ने कही है।

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