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देश का सबसे खास बकरा जिससे होती है 10 करोड़ की कमाई; महाराष्ट्र, आंध्र और गुजरात में मालवा के नाम से मशहूर

राजगढ़. राजगढ़ के विशेष बकरों की मांग देश में दिनों-दिन बढ़ रही है। यह मालवा के नाम से मशहूर है. हर साल 1 लाख से ज्यादा बकरों की सप्लाई देशभर में की जाती है। पिछले साल ईद पर एक बकरा नीलामी में 80 हजार रुपए में बिका था। महाराष्ट्र, आंध्र और गुजरात में मालवा के नाम से बिकने वाले बकरों का कारोबार अब 10 करोड़ रुपए को पार कर गया है।

राजगढ़ में 15 साल पहले पहले इस कारोबार की शुरुआत करने वाले हाजिर नसीर खान बताते हैं, यहां बकरों का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। 15 साल में यह कारोबार बढ़कर 10 करोड़ तक जा पहुंचा। इन बरसों में क्षेत्र में 18 से ज्यादा लोग इस व्यवसाय में आए। सभी मिलकर देश में हर साल एक लाख से अधिक बकरों की सप्लाई करते हैं। बताते हैं, ना सिर्फ राजगढ़, बल्कि मालवा क्षेत्र के बकरे गुजरात आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र आदि क्षेत्रों में बहुत ही पसंद किए जाते है। कल्याण और हैदराबाद जैसी मंडियों में मालवा के राजगढ़ के नाम से ये बकरे बेचे जाते हैं।

हर माह 9 हजार से ज्यादा का निर्यात

पशुधन योजना के तहत क्षेत्र में बकरी पालन को सरकार बढ़ावा दे रही है। यही कारण है कि सिर्फ राजगढ़ से ही लगभग 8 से 9 हजार बकरें हर माह देश की विभिन्न मंडियों में भेजे जाते हैं। एक बकरे पर 300 से लेकर 700 रुपए तक की बचत होती है। खुदरा बाजार में इसे राजगढ़ में 450-500 रुपए प्रति किला और मुंबई, कल्याण, अहमदाबाद, सूरत और हैदराबाद आदि शहरों में 700 से 800 रुपए किलो तक बिकता है।

जिला पशुपालन अधिकारी एमपीएस कुशवाह के अनुसार पशुधन योजना के तहत हमने बकरी पालन को विशेष योजना में लिया है। जिले से 3 बड़े लोन किए हैं। दो को 87 लाख और एक मामले में 1 करोड़ से भी ज्यादा का लोन दिया। यही कारण है बकरी पालन बढ़ रहा है।


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