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अपने बच्चे के सिर का मनपसंद आकार पाने के लिए नवजातों को हेलमेट पहनने का ट्रेंड बढ़ा; इससे बच्चों के पागल होने का खतरा बढ़ा

सिंगापुर/ सिंगापुर की मैरी अपने नवजात बेटे को हमेशा हेलमेट पहनाए रखती हैं। वे चाहती हैं कि उनके बेटे का सिर गोल नजर आए। उन्हें लगता है कि गोल सिर वाले लोग सुंदर लगते हैं। ऐसा करने वाली मैरी अकेली नहीं हैं। एशिया के कई देशों में खासतौर पर चीन और चीन के पड़ोसी देशों में बच्चे के सिर को मनचाहा शेप देने के लिए मदर्स ऐसा कर रही हैं।

यह ट्रेंड पिछले कुछ महीनों में बहुत तेजी से बढ़ा है। इसकी वजह है- चीन की मॉम इन्फ्लुएंसर्स। यूट्यूब और दूसरे सोशल मीडिया पर ये मॉम इन्फ्लुएंसर्स पेरेंटिंग के टिप्स देती हैं। इन्होंने कई देशों में नवजात बच्चों को हेलमेट पहनाने को वैज्ञानिक और सुरक्षित तरीका बताकर ट्रेंड में ला दिया है।

नई मदर्स को अंदाजा भी नहीं है कि यह कितना खतरनाक है। डॉक्टर्स कहते हैं- इससे बच्चा पागल हो सकता है। उसका दिमाग छोटा रह जाएगा और संभव है कि उसका मानसिक विकास ही न हो पाए।

मार्केट में बिक रहे सिर को मनचाहे शेप में लाने वाले हेलमेट

एक चीनी ऑनलाइन इन्फ्लुएंसर ने अपनी बेटी को ‘करेक्शन हेलमेट’ पहनाया। उसने अपने वीडियो में पहनाने का तरीका बताते हुए कहा कि मैंने थोड़ी देर कर दी, लेकिन फिर भी बच्चे के सिर का शेप काफी हद तक बदल जाएगा। इस तरह के ‘करेक्शन हेलमेट’ सिंगापुर और दूसरे देशों में खूब बिक भी रहे हैं और मेजरमेंट देकर अलग से बनवाए भी जा रहे हैं। इस तरीके पर लोगों का भरोसा बहुत ज्यादा है।

मुंह पर टेप लगा देते हैं, बच्चे की मौत हो सकती है

कई पेरेंट्स को लगता है कि मुंह से सांस लेने की वजह से बच्चों का जबड़ा और उनके गाल अनाकर्षक हो जाएंगे। इसलिए वे चाहते हैं कि बच्चे सिर्फ नाक से ही सांस लें। बच्चों को मुंह से सांस लेने से रोकने के लिए सोते समय उनके मुंह पर टेप लगाने की भी सलाह दी जा रही है।

डॉक्टर कहते हैं, कई बच्चों को साइनस की दिक्कत होती है। इसलिए वे मुंह से आसानी से सांस ले पाते हैं। मुंह पर टेप लगाने से ऐसे बच्चों की मौत तक हो सकती है। ताइवान की एक इंटरनेट शॉपिंग साइट बच्चों के मुंह से सांस लेने को खतरनाक बताकर ‘माउथ क्लोजिंग करेक्शन टेप’ का प्रचार कर रही है।

नई मदर्स पेरेंटिंग के तरीके सोशल मीडिया से न सीखें

डॉक्टर्स कहते हैं- बच्चे बहुत नाजुक होते हैं। उनकी परवरिश में छोटी सी भी गलती जिंदगी भर भुगतनी पड़ सकती है। इसलिए कभी भी सोशल मीडिया से पेरेंटिंग के टिप्स न लें। मॉम इन्फ्लुएंसर्स की बताई किसी भी बात को बिना डॉक्टर से पूछे न आजमाएं। नानी-दादी की सलाह इन सोशल इन्फ्लुएंसर्स से बेहतर होती है।

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