रायपुर/ इन पौधे को कोको पीट, वर्मी कुलाइट और पर्लाइट का उपयोग कर बनाए गए मृदा में रोपा जाता है। इसकी ऊंचाई 15 से 20 फीट तक होती है। पौधों को लगाने के बाद टपक सिंचाई (ड्रिप सिस्टम) से पानी दिया जाता है। पौधे 75 से 80 दिन में फल देना शुरू कर देते हैं।
रायपुर। बिना मिट्टी के ही उगने वाला युवराज किसानों की तंगहाली दूर करने वाला है। इसकी खेती करके किसान लाल हो सकेंगे। युवराज-1003 टमाटर की एक नई किस्म है, जिसे इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने खोजा है। इसका उत्पादन विवि के फार्म में किया जा रहा है। युवराज का एक पौधा 9 माह तक जिंदा रहता है। इस दौरान उससे करीब 25 किलो टमाटर मिलता है। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि यह टमाटर की व्यावसायिक खेती करने वालों के लिए काफी फायदेमंद साबित होगा।
25 किलो तक उत्पादन
डॉ. राकेश ने बताया कि युवराज 1003 टमाटर की प्रजाति को पॉली हाउस में उगाया जाता है। इसकी लाइफ 9 महीने तक रहती है। इतने दिन में एक पौधे से 20 से 25 किलो टमाटर का उत्पादन होता है। पहले टमाटर के बीज से नर्सरी में पौधे तैयार किए जाते हैं। ये पौधे 25-26 दिन में तैयार हो जाते हैं। इसके बाद इन पौधे को कोको पीट, वर्मी कुलाइट और पर्लाइट का उपयोग कर बनाए गए मृदा में रोपा जाता है। इसकी ऊंचाई 15 से 20 फीट तक होती है। पौधों को लगाने के बाद टपक सिंचाई (ड्रिप सिस्टम) से पानी दिया जाता है। पौधे 75 से 80 दिन में फल देना शुरू कर देते हैं।
कोको पीट, वर्मी कुलाइट से उत्पादन :
युवराज-1003 टमाटर की खासियत यह है कि इसकी खेती बिना मिट्टी के होती है। मिट्टी के स्थान पर कोको पीट, वर्मी कुलाइट और पर्लाइट का उपयोग किया जाता है। इन तीनों के मिश्रण से तैयार सामग्री पर इसे उगाया जाता है। विवि में इसके लिए बड़े-बड़े टब लगाए गए हैं, जिसमें इसे उगाया गया है। इस पर शोध को डॉ. जीएल शर्मा, डॉ. हेमंत पाणीग्रही, डॉ. राजेश अग्रवाल और राकेश पटेल ने किया है। डॉ. राकेश ने बताया कि यह खेती किसानों को समृद्ध कर सकती है। इसके लिए ज्यादा संसाधन की जरूरत नहीं पड़ती।
तीन जिलों में उत्पादन :
वैज्ञानिकों के मुताबिक विवि परिसर के अलावा मध्यप्रदेश, ओडिशा और प्रदेश के किसानों को इसके लिए प्रशिक्षण दिया गया है। वर्तमान में बेमेतरा, दुर्ग व राजनांदगांव जिले के किसान इस विधि से अब टमाटर की खेती करने लगे हैं, जो अब समृद्ध हो रहे हैं।
विटामिन से है भरपूर : कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक यह टमाटर विटामिन ए, बी-6 सी, के, फॉस्फोरस, मैग्निशियम मैंगनीज, कॉपर, पोटेशियम एवं खाद्य रेशों का एक अच्छा स्रोत है। इसमें सूक्ष्मतम मात्रा में सोडियम, वसा व कोलेस्ट्रॉल भी पाया जाता है।

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