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वनमंडल कटघोरा में गड़बड़ी मामला - 45 लाख रुपए लागत से बनी रोड एक साल भी नहीं टिक पाई

कटघोरा। चैतमा/ वनमंडल कटघोरा में निर्माण कार्यों में गड़बड़ी के कई मामले सामने आ चुके हैं। चैतमा रेंज में भ्रष्टाचार के मामले में निलंबित रेंजर मृत्युंजय शर्मा का एक और कारनामा सामने आया है। केराकछार से चटुवाभौना के बीच तीन किलोमीटर सड़क का निर्माण 45 लाख 30 हजार में किया गया है, लेकिन एक साल भी टिक नहीं पाया।

डब्ल्यूबीएम सड़क निर्माण में जंगल के पत्थर और मुरुम का उपयोग किया गया है। ग्राम पंचायत मानिकपुर में कैंपा मद से वर्ष 2020-21 में डब्ल्यूबीएम सड़क निर्माण के लिए 45.30 लाख की मंजूरी मिली थी। उस समय यह कार्य रेंजर मृत्युंजय शर्मा ने कराया, लेकिन निर्माण कार्य में गड़बड़ी करने पर बारिश के समय सड़क पूरी तरह टूट गई है।

कई जगह मिट्‌टी का कटाव होने से अब चलने लायक भी नहीं है। सड़क पर जंगल से ही पत्थर को तोड़कर गिट्‌टी बनाई गई और मिट्‌टीनुमा मुुरुम को डाल दिया। इसकी वजह से बारिश में सड़क टिक नहीं सकी। यही नहीं, निर्माण कार्य की राशि का आहरण भी कर ली गई है। रोलर भी नहीं चलाया गया। इसकी जांच कराई जाए तो बड़ा मामला सामने आ सकता है।

रेंजर शर्मा को पाली रेंज में ग्रीन इंडिया मिशन के कार्यों में भ्रष्टाचार करने पर पिछले महीने ही निलंबित किया गया है। इधर निलंबित रेंजर शर्मा का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्र होने से सड़क में कटाव हुआ है।

परीक्षण कराने के बाद ही कुछ कह पाउंगा: एसडीओ

पाली के एसडीओ चंद्रकांत टिकरिया का कहना है कि केराकछार से चटुवाभौना तक डब्ल्यूबीएम सड़क का निर्माण कराया गया था। अभी उसकी क्या स्थिति है, उसका परीक्षण करने के बाद ही कुछ कह पाउंगा।

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